सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण और जनरल कैटेगरी में नौकरी पाने के अधिकार पर दिया ऐतिहासिक फैसला

Edited By Updated: 05 Jan, 2026 06:16 PM

supreme court reservation category general category sc st obc ews

सरकारी नौकरियों में आरक्षण और मेरिट को लेकर लंबे समय से चल रही बहस अब सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के साथ समाप्त हो गई है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित वर्ग (SC, ST, OBC और EWS) के उम्मीदवार भी सामान्य श्रेणी (General Category) की...

नई दिल्ली: सरकारी नौकरियों में आरक्षण और मेरिट को लेकर लंबे समय से चल रही बहस अब सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के साथ समाप्त हो गई है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित वर्ग (SC, ST, OBC और EWS) के उम्मीदवार भी सामान्य श्रेणी (General Category) की सीटों पर नौकरी पाने के हकदार हैं, बशर्ते वे उस श्रेणी के कटऑफ अंक हासिल करें।

इस फैसले से न केवल आरक्षित वर्ग के मेधावी उम्मीदवारों को बड़ा अवसर मिला है, बल्कि यह नियम भर्ती प्रक्रिया में ‘ओपन’ या अनारक्षित सीटों की व्याख्या को भी नए सिरे से परिभाषित करता है।

मामला राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़ा था
यह विवाद राजस्थान हाईकोर्ट की एक भर्ती प्रक्रिया से शुरू हुआ था। हाईकोर्ट ने नियम बनाया था कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को जनरल कैटेगरी की सीटें नहीं दी जाएंगी, भले ही उनके अंक सामान्य कटऑफ से अधिक हों। हाईकोर्ट का तर्क था कि यह डबल बेनिफिट होगा—आरक्षण का लाभ और साथ ही जनरल सीट पर चयन।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दलील
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट की दलील को खारिज कर दिया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जी मसीह की पीठ ने कहा कि मेरिट का सम्मान सबसे महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने 1992 के इंदिरा साहनी फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ‘ओपन’ का अर्थ है सभी के लिए खुला। आरक्षित उम्मीदवारों को अनारक्षित सीट पर मेरिट के आधार पर चयन से रोकना न्याय संगत नहीं है।

नियम का लागू होना
सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं:

  • लिखित परीक्षा: यदि कोई आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार जनरल कैटेगरी के कटऑफ अंक पार करता है, तो उसे इंटरव्यू में जनरल कैटेगरी का उम्मीदवार माना जाएगा।

  • फाइनल मेरिट: यदि अंतिम परिणाम में कुल अंक जनरल कटऑफ से कम होते हैं, तो उम्मीदवार को वापस अपनी मूल आरक्षित श्रेणी में रखा जाएगा ताकि आरक्षण का लाभ मिल सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला सरकारी नौकरियों में मेरिट और आरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। अब मेधावी आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हर अनारक्षित सीट समान अवसर की गारंटी देगी।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!