Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Jan, 2026 03:33 PM

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 6 जनवरी को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 500 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 26,150 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली, विदेशी निवेशकों की...
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 6 जनवरी को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 500 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 26,150 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिका से जुड़े टैरिफ बयानों ने बाजार की धारणा को कमजोर किया।
ऑयल एंड गैस और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार की गिरावट और गहरी हो गई। सेंसेक्स 376 अंक या 0.44% गिरकर 85,063 पर बंद हुआ। निफ्टी 71 अंक या 0.27% टूटकर 26,178 के स्तर पर आ गया।
गिरावट के 5 बड़े कारण
1. दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली
बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली से आया। HDFC Bank करीब 2% गिर गया। पिछले दो सत्रों में यह शेयर 4% से ज्यादा टूट चुका है। Q3 FY26 के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के बाद निवेशकों ने इसमें मुनाफा निकाला। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट और टाटा मोटर्स (पैसेंजर व्हीकल्स) में भी गिरावट दर्ज की गई।
2. टैरिफ को लेकर चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ बढ़ाने से जुड़े बयानों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की नाराजगी ने ग्लोबल ट्रेड को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
और ये भी पढ़े

Share Market Shoot up: शेयर बाजार में धमाकेदार तेजी, सेंसेक्स 1,695 अंक उछला, निफ्टी 23,622 पर बंद

शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 736 अंक उछलकर 76,264 पर बंद, निफ्टी 23,850 के पार

मजबूती के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 347 अंक बढ़त के साथ 77,155 पर
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को 36.25 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि रकम बड़ी नहीं है लेकिन लगातार हो रही विदेशी बिकवाली बाजार के सेंटीमेंट और लिक्विडिटी पर दबाव बना रही है।
जनवरी के पहले तीन कारोबारी दिनों में ही FIIs करीब 3,000 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं।
4. भू-राजनीतिक तनाव
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार पर भारी पड़े। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अनिश्चितता बढ़ गई है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी के विजयकुमार के मुताबिक, मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहने और पर्याप्त कैश होल्डिंग बनाए रखने की जरूरत है।
5. बाजार में बढ़ती अस्थिरता
निवेशकों की घबराहट को दर्शाने वाला India VIX मंगलवार को 2% से ज्यादा चढ़ गया। यह लगातार तीसरा दिन है जब वोलैटिलिटी इंडेक्स में तेजी आई है। बीते तीन दिनों में इसमें 10% से अधिक का उछाल दर्ज किया गया है, जो आगे और उतार-चढ़ाव के संकेत देता है।