Edited By Parveen Kumar,Updated: 08 May, 2025 01:20 AM

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने बंद कमरे में बैठक की। चर्चा के दौरान दूतों ने संयम और बातचीत का आह्वान किया। इस दौरान पाकिस्तान से कड़े सवाल भी पूछे गए।
नेशनल डेस्क: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने बंद कमरे में बैठक की। चर्चा के दौरान दूतों ने संयम और बातचीत का आह्वान किया। इस दौरान पाकिस्तान से कड़े सवाल भी पूछे गए। यूएनएससी की बैठक को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पाकिस्तान की स्थिति ऐसी है कि कोई भी उसकी बातों पर ध्यान नहीं देता। सैयद अकबरुद्दीन ने यह भी कहा कि सिंधु जल संधि के निलंबन पर परमाणु हमले की धमकी का भारत पर कोई असर नहीं है।
इससे पहले सैयद अकबरुद्दीन ने कहा था कि ऐसी चर्चाओं से कोई नतीजा नहीं निकल सकता, "जहां संघर्ष में शामिल एक पक्ष परिषद की अपनी सदस्यता का इस्तेमाल करके बातचीत को आकार देने की कोशिश करता है। भारत पाकिस्तान की ऐसी कोशिशों को नाकाम कर देगा।" भारत और पाकिस्तान के बीच बंद कमरे में हुई बैठक से कुछ समय पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जताई थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का स्तर कई सालों में सबसे ज्यादा है।
उन्होंने कहा था, "मुझे यह देखकर दुख हो रहा है कि संबंध इस मुकाम पर पहुंच गए हैं।" एंटोनियो गुटेरेस ने भी कहा था कि वे पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद लोगों की भावनाओं को समझते हैं। उन्होंने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा भी की थी। उन्होंने कहा था कि नागरिकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।