मणिपुर में फिर तनाव, बस नेटवर्क से राज्य का नाम हटाने पर भड़के लोग, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों के साथ झड़प

Edited By Updated: 26 May, 2025 05:51 AM

tension again in manipur

मणिपुर की राजधानी इंफाल में रविवार को उस समय तनाव भड़क उठा जब राज्य की पहचान और अखंडता को लेकर प्रदर्शन कर रहे नागरिकों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हो गई। यह विरोध मणिपुर राज्य परिवहन (MST) की एक सरकारी बस से 'मणिपुर' शब्द को कथित रूप से हटाए जाने के...

नेशनल डेस्कः मणिपुर की राजधानी इंफाल में रविवार को उस समय तनाव भड़क उठा जब राज्य की पहचान और अखंडता को लेकर प्रदर्शन कर रहे नागरिकों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हो गई। यह विरोध मणिपुर राज्य परिवहन (MST) की एक सरकारी बस से 'मणिपुर' शब्द को कथित रूप से हटाए जाने के खिलाफ था। झड़प उस समय हुई जब प्रदर्शनकारी राजभवन की ओर मार्च कर रहे थे और सुरक्षाबलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।

विरोध का कारण: ‘मणिपुर’ शब्द को ढकने का आरोप

विवाद की जड़ 20 मई को उखरुल जिले में आयोजित होने वाले 'शिरुई लिली महोत्सव' से जुड़ी है। इस उत्सव में भाग लेने के लिए पत्रकारों को ले जा रही मणिपुर राज्य परिवहन की एक बस से कथित तौर पर 'मणिपुर' शब्द को हटाने या ढकने के आदेश दिए गए थे। आरोप है कि सुरक्षा बलों ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) के अधिकारियों को बस की खिड़की पर लिखे ‘मणिपुर’ शब्द को सफेद कागज से ढकने के लिए मजबूर किया। इसी घटना के विरोध में राज्यभर में गुस्सा भड़क गया।

COCOAMI के नेतृत्व में उग्र आंदोलन

इस घटना के खिलाफ COCOMI (मणिपुर की अखंडता पर समन्वय समिति) ने राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया। रविवार को बड़ी संख्या में लोग इंफाल के ख्वाइरामबंद इलाके में इकट्ठा हुए और राजभवन की ओर कूच किया। वे राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से माफी की मांग कर रहे थे, जिन पर राज्य की पहचान को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने लगभग 500 मीटर तक रैली निकाली, लेकिन जैसे ही वे राजभवन से करीब 150 मीटर दूर कांगला गेट पहुंचे, सुरक्षाबलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और स्थिति बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक स्थानीय अस्पताल के अनुसार, कम से कम 5 लोग घायल होकर अस्पताल में भर्ती हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों की मांगें

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि:

  • राज्यपाल और प्रशासन ने मणिपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अपमान किया है।

  • इस घटना की जांच के लिए गठित दोह सदस्यीय जांच समिति अपर्याप्त है।

  • मुख्य सचिव, डीजीपी और सुरक्षा सलाहकार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

  • घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सरकार की प्रतिक्रिया

मणिपुर सरकार ने बढ़ते दबाव के बीच दोह सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है, जो इस बात की जांच करेगी कि 20 मई को उखरुल जिले में पत्रकारों को ले जा रही बस से राज्य का नाम हटाने के निर्देश किसने और क्यों दिए। हालांकि COCOMI और अन्य संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ दिखावटी कार्रवाई है और इससे राज्य की जनता को संतोष नहीं मिलेगा।

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