शुगर के मरीजों की टेंशन खत्म! अब बिना दवा और इंसुलिन के भी ठीक हो जाएगा Diabetes, जानें कैसे?

Edited By Updated: 05 Mar, 2026 10:50 AM

the end of sugar china discovers a diabetes cure

दुनिया भर के करोड़ों डायबिटीज रोगियों के लिए एक ऐसी खबर आई है जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। चीन के वैज्ञानिकों ने 'स्टेम-सेल थेरेपी' (Stem-Cell Therapy) के जरिए इतिहास में पहली बार टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह से रिवर्स यानी ठीक करने में सफलता पाई...

World First Diabetes Cure China : दुनिया भर के करोड़ों डायबिटीज रोगियों के लिए एक ऐसी खबर आई है जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। चीन के वैज्ञानिकों ने 'स्टेम-सेल थेरेपी' (Stem-Cell Therapy) के जरिए इतिहास में पहली बार टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह से रिवर्स यानी ठीक करने में सफलता पाई है। इस सफल प्रयोग के बाद अब मरीज को न तो इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ रहे हैं और न ही दवाइयां खानी पड़ रही हैं।

इंसुलिन और गोलियों से हमेशा के लिए आजादी

अब तक यह माना जाता था कि अगर किसी व्यक्ति का शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर दे या उसका सही इस्तेमाल न कर पाए तो उसे जीवनभर बाहरी इंसुलिन पर निर्भर रहना होगा लेकिन चीनी शोधकर्ताओं ने मरीज के शरीर में ऐसी स्वस्थ कोशिकाएं विकसित कर दी हैं जो अब खुद-ब-खुद इंसुलिन बना रही हैं। यह सफलता रीजेनरेटिव मेडिसिन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है।

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कैसे काम करता है यह जादुई फॉर्मूला? 

इस तकनीक में वैज्ञानिकों ने किसी जादुई छड़ी की तरह काम करने वाली 'स्टेम सेल्स' का इस्तेमाल किया है। सबसे पहले मरीज के शरीर से मास्टर कोशिकाएं (स्टेम सेल) निकाली जाती हैं। इन कोशिकाओं को लैब में खास सिग्नल देकर इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं (बीटा सेल्स) में बदला जाता है। 

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जब कोशिकाएं तैयार हो जाती हैं तो इनका एक क्लस्टर बनाया जाता है जो ब्लड शुगर के स्तर को खुद पहचान सकता है। अंत में इन कोशिकाओं को मरीज के पेट में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है जहां ये शरीर की नसों से जुड़कर प्राकृतिक रूप से काम शुरू कर देती हैं।

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सबसे बड़ी बाधा: शरीर का तालमेल

इस इलाज की सफलता इस बात पर टिकी होती है कि मरीज का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) इन नई कोशिकाओं को स्वीकार करता है या नहीं। चीन के इस सफल केस में मरीज के शरीर ने इन कोशिकाओं को अपना लिया जिसके बाद वे एक स्वस्थ पैंक्रियास की तरह काम करने लगीं।

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क्या अब खत्म हो जाएगा शुगर का डर?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है तो आने वाले समय में डायबिटीज का इलाज किसी मामूली घाव के भरने जैसा आसान हो जाएगा। यह उन करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण है जो रोज सुबह-शाम इंसुलिन की सुई चुभाने को मजबूर हैं।

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