Edited By Parveen Kumar,Updated: 11 Jan, 2026 05:17 PM

हार्ट अटैक चाहे छोटा कहा जाए या बड़ा, खतरा दोनों में बराबर होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि सामान्य हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर साफ दिखाई दे जाते हैं, जबकि ‘मिनी हार्ट अटैक’ कई बार जांचों को भी चकमा दे देता है। यही वजह है कि इसके संकेतों को समय रहते...
नेशनल डेस्क: हार्ट अटैक चाहे छोटा कहा जाए या बड़ा, खतरा दोनों में बराबर होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि सामान्य हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर साफ दिखाई दे जाते हैं, जबकि ‘मिनी हार्ट अटैक’ कई बार जांचों को भी चकमा दे देता है। यही वजह है कि इसके संकेतों को समय रहते समझना बेहद जरूरी हो जाता है।
मिनी हार्ट अटैक कोई मेडिकल टर्म नहीं, बल्कि बोलचाल की भाषा में इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। इसका मतलब यह नहीं कि यह कम खतरनाक है, बल्कि इतना जरूर है कि इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं और सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आते।
कार्डियोलॉजिस्ट क्या कहते हैं?
ESIC मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव सिंघल बताते हैं कि मिनी हार्ट अटैक को दर्द के पैटर्न से पहचाना जा सकता है। आमतौर पर दर्द सीने के बीच की हड्डी से शुरू होता है और फिर धीरे-धीरे पीठ की ओर फैलने लगता है। यह दर्द आता-जाता रहता है, लेकिन अगर 10 से 15 मिनट तक लगातार बना रहे, तो इसे हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।
डॉ. सिंघल के अनुसार, कई मामलों में पसीना आ सकता है, लेकिन जरूरी नहीं। खासकर सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक होने पर पसीना न भी आए, तो भी खतरे को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में दर्द के पैटर्न को समझना सबसे अहम संकेत बन जाता है।
मिनी हार्ट अटैक के अन्य संकेत
- सीने में दबाव, जकड़न या अजीब सी बेचैनी
- बिना मेहनत किए ही सांस फूलना
- मतली या उल्टी
- ठंडा पसीना आना
- चक्कर महसूस होना
- गर्दन, जबड़े, कंधे या बांह तक दर्द फैलना
(स्रोत: एशियन मेडिकल इंस्टीच्यूट)
क्या ECG हर बार सच बता देता है?
डॉक्टरों का कहना है कि ECG से हार्ट अटैक का पता लगाया जा सकता है, लेकिन कई बार मिनी हार्ट अटैक इसमें भी नजर नहीं आता। इसलिए सिर्फ ECG पर भरोसा करना सही नहीं है। अगर ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हों, तो देर न करें और तुरंत अस्पताल पहुंचें।