Edited By Radhika,Updated: 06 Jan, 2026 01:15 PM

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैल रही बीमारियों के बीच एक महिला में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जैसे लक्षण सामने आने से चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि महिला की हालत गंभीर है और वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। इस संबंध में जिला...
नेशनल डेस्क: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैल रही बीमारियों के बीच एक महिला में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जैसे लक्षण सामने आने से चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि महिला की हालत गंभीर है और वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। इस संबंध में जिला प्रशासन ने इलाके में GBS के किसी भी पुष्ट मामले से इनकार किया है।
महिला की हालत नाजुक
भागीरथपुरा निवासी पार्वती कोंडला को शहर के एक निजी अस्पताल में गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि पहले जिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, वहां की जांच रिपोर्ट में GBS जैसे लक्षणों का जिक्र किया गया था। बाद में दूसरे अस्पताल में की गई जांच में डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित बताया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज का इलाज वर्तमान लक्षणों के आधार पर किया जा रहा है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन का दावा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र से गिलियन-बैरे सिंड्रोम के किसी भी मरीज की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उनके मुताबिक किसी भी अस्पताल या डॉक्टर ने GBS का पुष्ट केस रिपोर्ट नहीं किया है।
क्या है गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS)?
गिलियन-बैरे सिंड्रोम एक दुर्लभ लेकिन गंभीर तंत्रिका संबंधी बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से परिधीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करने लगती है। इससे शरीर में कमजोरी, सुन्नता और गंभीर मामलों में सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

डायरिया से रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मौत
इसी इलाके में उल्टी-दस्त से 69 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा की मौत की सूचना भी सामने आई है। वे धार जिले के निवासी थे और पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त थे। परिजन दूषित पानी को कारण बता रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी बीमारियां थीं।
मौतों के आंकड़ों पर अलग-अलग दावे
स्थानीय लोगों का दावा है कि उल्टी-दस्त के प्रकोप से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन के अनुसार अब तक छह मौतों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल आपूर्ति की जांच की जा रही है।