Edited By Tanuja,Updated: 06 Jan, 2026 01:13 PM

अमेरिका ने भारतीय वीज़ा आवेदकों के लिए प्रक्रिया सख्त करते हुए तीसरे देशों से स्टूडेंट, विज़िटर और वर्क वीज़ा इंटरव्यू पर रोक लगा दी है। अब सभी इंटरव्यू भारत में ही होंगे। इससे वेटिंग पीरियड बढ़ सकता है और यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
Washington: अमेरिका ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब भारतीय आवेदक स्टूडेंट (F-1), विज़िटर (B-1/B-2) और वर्क वीज़ा (H-1B सहित अन्य) के लिए तीसरे देशों से वीज़ा इंटरव्यू नहीं दे सकेंगे। सभी वीज़ा इंटरव्यू केवल भारत में ही कराने होंगे। अब तक बड़ी संख्या में भारतीय आवेदक लंबी वेटिंग से बचने के लिए दुबई, सिंगापुर, थाईलैंड या अन्य देशों से अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू दे रहे थे। इस फैसले के बाद यह विकल्प पूरी तरह बंद हो गया है।
भारतीयों पर क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम वीज़ा प्रक्रिया को अधिक केंद्रीकृत और सख्त बनाने, आवेदकों की बेहतर जांच (verification), और नियमों के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। भारत स्थित अमेरिकी दूतावासों पर अपॉइंटमेंट का दबाव बढ़ेगा, वीज़ा इंटरव्यू की प्रतीक्षा अवधि लंबी हो सकती है। छात्रों की शैक्षणिक योजनाएं और प्रोफेशनल्स की जॉब जॉइनिंग डेट प्रभावित हो सकती है। यात्रियों को पहले से बेहतर प्लानिंग करनी होगी।
- किन लोगों को सबसे ज्यादा असर?
- अमेरिका में पढ़ाई की योजना बना रहे छात्र
- H-1B और अन्य वर्क वीज़ा धारक
- बिज़नेस और टूरिस्ट वीज़ा आवेदक वे लोग जो पहले थर्ड कंट्री से इंटरव्यू देकर जल्दी वीज़ा हासिल करते थे।
कोई छूट नहीं
फिलहाल किसी तरह की आधिकारिक छूट या अपवाद की घोषणा नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भारत में अपॉइंटमेंट क्षमता नहीं बढ़ाई जाती, तब तक यह नियम भारतीय आवेदकों के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। अमेरिका जाने की योजना बना रहे भारतीयों को सलाह दी जा रही है कि वे वीज़ा स्लॉट काफी पहले बुक करें, दस्तावेज़ पूरी तैयारी के साथ रखें, और यात्रा या पढ़ाई की समयसीमा तय करते समय संभावित देरी को ध्यान में रखें।