US-UN पर उठे सवाल: बांग्लादेश में हिंदू की हत्या पर 4 दिन बाद अफसोस, उस्मान हादी की मौत पर तुरंत बयान क्यों?

Edited By Updated: 23 Dec, 2025 01:14 PM

us un have strongly condemned the killing of a hindu youth in bangladesh

बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के चार दिन बाद अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया सामने आई, जिसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि उस्मान हादी की मौत पर तुरंत प्रतिक्रिया देने वाले UN ने हिंदू युवक की हत्या पर देरी...

International Desk: बांग्लादेश में 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के चार दिन बाद अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया सामने आई है। इस देरी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चयनात्मक संवेदना और दोहरे मानदंड के आरोप लगने लगे हैं। अमेरिकी सांसदों और संयुक्त राष्ट्र ने अब बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की बात की है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह प्रतिक्रिया बहुत देर से आई है।दिलचस्प बात यह है कि कुछ ही दिन पहले बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की गोली मारकर हत्या के मामले में संयुक्त राष्ट्र ने तुरंत बयान जारी कर कड़ी निंदा की थी।

 

वहीं, हिंदू युवक की नृशंस हत्या पर UN और अमेरिका की चुप्पी चार दिनों तक बनी रही। दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने बेरहमी से पीटा, फिर शव को आग लगाकर सड़क पर फेंक दिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।न्यूयॉर्क की विधायक जेनिफर राजकुमार और अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने अब इसे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का उदाहरण बताया है।

 

वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी हिंसा पर चिंता जताई है, लेकिन देरी से आई यह चिंता कई सवाल छोड़ जाती है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यदि पीड़ित की पहचान अलग होती, तो शायद प्रतिक्रिया भी अलग समय पर आती। यही वजह है कि यह मामला अब केवल हत्या का नहीं, बल्कि वैश्विक संस्थाओं की निष्पक्षता और प्राथमिकताओं का भी बन चुका है।
 

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