Property Registry Rules Change: योगी सरकार का बड़ा फैसला: प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के नियम बदले, अब ये दस्तावेज हुआ अनिवार्य

Edited By Updated: 06 Feb, 2026 09:05 AM

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उत्तर प्रदेश में अब जमीन या मकान खरीदना पहले जैसा नहीं रहा, क्योंकि योगी सरकार ने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री प्रक्रिया में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव कर दिया है। अब अगर आप यूपी में किसी भी तरह की अचल संपत्ति अपने नाम करवाने जा रहे हैं, तो आपके पास पैन...

नेशनल डेस्क:  उत्तर प्रदेश में अब जमीन या मकान खरीदना पहले जैसा नहीं रहा, क्योंकि योगी सरकार ने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री प्रक्रिया में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव कर दिया है। अब अगर आप यूपी में किसी भी तरह की अचल संपत्ति अपने नाम करवाने जा रहे हैं, तो आपके पास पैन कार्ड होना अनिवार्य है। सरकार की ओर से जारी नए आदेशों के मुताबिक, बिना पैन नंबर के अब रजिस्ट्री का पहिया आगे नहीं बढ़ पाएगा।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रजिस्ट्री के लिए जब आप ऑनलाइन आवेदन करेंगे, तो उसी समय पैन कार्ड की जानकारी देनी होगी और उसका वेरिफिकेशन भी तुरंत किया जाएगा। इस कदम के पीछे सरकार की एक गहरी सोच है। दरअसल, प्रॉपर्टी बाजार में अक्सर लोग अपनी असली पहचान छिपाकर या काले धन के जरिए बेनामी संपत्तियां खरीदते थे। नया नियम लागू होने से अब हर सौदे का सीधा हिसाब-किताब आयकर विभाग की नजर में रहेगा।

 इस व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए महानिरीक्षक निबंधन की ओर से राज्य के सभी सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को सख्त निर्देश भेज दिए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक, जब भी कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन करेगा, तो उसे पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपना पैन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इतना ही नहीं, विभाग अब केवल नंबर लेकर शांत नहीं बैठेगा, बल्कि उस पैन नंबर का बारीकी से वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से उन लोगों पर लगाम लगेगी जो अपनी पहचान छिपाकर बेनामी संपत्तियां इकट्ठा करते थे।

अधिकारियों को दिए गए आदेश में साफ कहा गया है कि पंजीकरण की प्रक्रिया तभी शुरू की जाए जब खरीदार और विक्रेता दोनों के पैन कार्ड की सही एंट्री सिस्टम में हो जाए। इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जो ईमानदारी से प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, क्योंकि इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। सरकार का मानना है कि जब हर खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड पैन कार्ड से लिंक होगा, तो धोखाधड़ी और अवैध लेन-देन पर लगाम लगेगी। कुल मिलाकर, लखनऊ से जारी यह आदेश यूपी के रियल एस्टेट कारोबार को साफ-सुथरा बनाने और बेनामी संपत्तियों के खेल को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा प्रहार है।

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