Toll Tax New Rules: सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना टोल चुकाए नहीं बिकेगी गाड़ी, जानें क्या है नए नियम

Edited By Updated: 22 Jan, 2026 01:58 PM

government takes major decision vehicles will not be sold without paying toll

अब वाहन से जुड़े जरूरी काम बिना टोल बकाया चुकाए कराना मुश्किल हो जाएगा। केंद्र सरकार ने सड़क नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए साफ कर दिया है कि अगर किसी वाहन पर टोल प्लाजा का बकाया है, तो न तो वाहन ट्रांसफर हो सकेगा और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट...

नेशनल डेस्क: अब वाहन से जुड़े जरूरी काम बिना टोल बकाया चुकाए कराना मुश्किल हो जाएगा। केंद्र सरकार ने सड़क नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए साफ कर दिया है कि अगर किसी वाहन पर टोल प्लाजा का बकाया है, तो न तो वाहन ट्रांसफर हो सकेगा और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट जारी किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 2026 में संशोधन किया है।

क्यों बदले गए सड़क नियम
सरकार देशभर में बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस व्यवस्था को मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग कहा जाता है, जिसमें टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकने की जरूरत नहीं होगी। FASTag, ANPR कैमरे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा। हालांकि कई मामलों में टोल दर्ज होने के बावजूद भुगतान नहीं हो पाता, जिससे राजस्व को नुकसान होता है।


टोल बकाया पर अटकेंगे जरूरी काम
नए नियमों के तहत यदि किसी वाहन पर टोल बकाया पाया गया, तो वाहन मालिक को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिलेगा। इसके बिना वाहन को किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। साथ ही दूसरे राज्य या जिले में वाहन पंजीकरण, फिटनेस सर्टिफिकेट के नवीनीकरण और व्यावसायिक वाहनों के परमिट जारी करने या बढ़ाने की प्रक्रिया भी रुक जाएगी।


‘अनपेड यूजर फीस’ की नई व्यवस्था
संशोधित नियमों में ‘अनपेड यूजर फीस’ की नई परिभाषा जोड़ी गई है। इसके तहत यदि किसी वाहन का राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने का रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम में दर्ज हो जाता है, लेकिन टोल शुल्क का भुगतान नहीं होता, तो उसे बकाया माना जाएगा। ऐसे मामलों में अब किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।


फॉर्म-28 में किया गया संशोधन
वाहन ट्रांसफर के लिए जरूरी फॉर्म-28 में भी बदलाव किया गया है। अब वाहन मालिक को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वाहन पर किसी टोल प्लाजा का बकाया है या नहीं। यदि बकाया है, तो उसका पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा। सरकार डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देते हुए फॉर्म-28 के जरूरी हिस्से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जारी करेगी।


FASTag सस्पेंड होने का भी खतरा
अगर टोल बकाया होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, तो पहले वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद भी राशि जमा नहीं करने पर FASTag सस्पेंड किया जा सकता है। साथ ही वाहन से जुड़े अन्य जुर्माने और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।


2026 में क्या बदलेगा
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि 2026 में बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम सरकार की बड़ी प्राथमिकता होगी। इसके लागू होने से टोल वसूली का खर्च करीब 15 फीसदी से घटकर लगभग 3 फीसदी रह जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा ज्यादा सुगम बनेगी।


आम वाहन मालिकों के लिए सलाह
वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे FASTag में हमेशा पर्याप्त बैलेंस रखें और किसी भी ई-नोटिस को नजरअंदाज न करें। वाहन बेचने, ट्रांसफर कराने या फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू कराने से पहले टोल बकाया की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि जरूरी कामों में रुकावट न आए।

 

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