Edited By jyoti choudhary,Updated: 09 Apr, 2026 05:06 PM

दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बेहद पॉजिटिव आउटलुक पेश किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार अब एक बड़े बुल रन की दहलीज पर खड़ा है।
बिजनेस डेस्कः दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बेहद पॉजिटिव आउटलुक पेश किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार अब एक बड़े बुल रन की दहलीज पर खड़ा है।
ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 तक Sensex के 95,000 तक पहुंचने का अनुमान जताया है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 22% की संभावित बढ़त को दर्शाता है।
तेजी के पीछे क्या हैं बड़े ट्रिगर?
1. वैल्युएशन आकर्षक स्तर पर
रिपोर्ट के अनुसार, ऐतिहासिक तुलना में भारतीय बाजार अभी सस्ते स्तरों पर ट्रेड कर रहा है। यहां तक कि सोने के मुकाबले भी वैल्युएशन काफी आकर्षक दिखाई दे रहा है।
2. कमाई का मजबूत आउटलुक
मार्च में वैश्विक तनाव के कारण आई हल्की सुस्ती के बाद अब कंपनियों की कमाई में तेजी लौट रही है। अनुमान है कि FY28 तक सेंसेक्स कंपनियों की कमाई करीब 17% CAGR से बढ़ सकती है।
3. घरेलू निवेशकों का मजबूत सपोर्ट
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार में पैसा डाल रहे हैं, जिससे गिरावट में भी मजबूती बनी हुई है।
कहां तक जा सकता है बाजार?
ब्रोकरेज ने शेयर बाजार के भविष्य के लिए तीन परिदृश्य तैयार किए हैं:
बेस केस:
अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और कच्चा तेल काबू में रहता है, तो सेंसेक्स 95,000 तक जा सकता है।
बुल केस:
अगर कच्चा तेल $70 से नीचे आता है और ग्लोबल ग्रोथ बेहतर रहती है, तो सेंसेक्स 1,07,000 तक पहुंच सकता है।
बेयर केस:
अगर तेल $100 के पार बना रहता है और अमेरिका में मंदी आती है, तो सेंसेक्स 76,000 तक गिर सकता है।
क्या हैं बड़े रिस्क?
मिडिल ईस्ट तनाव
ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष सप्लाई चेन पर दबाव बना सकता है। गैस और फर्टिलाइजर सप्लाई प्रभावित होने का खतरा है।
AI से जुड़ी चुनौती
भारत का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में सीमित एक्सपोजर होने के कारण सर्विस एक्सपोर्ट पर असर पड़ सकता है।