Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Jan, 2026 04:07 PM

आम बजट 2026-27 इस बार कई मायनों में अलग हो सकता है। परंपरा से हटकर इस बार बजट 1 फरवरी, रविवार को पेश किए जाने की संभावना है लेकिन तारीख से भी ज्यादा चर्चा इस बात की है कि बजट की तैयारियां बिना किसी वित्त सचिव के चल रही हैं।
बिजनेस डेस्कः आम बजट 2026-27 इस बार कई मायनों में अलग हो सकता है। परंपरा से हटकर इस बार बजट 1 फरवरी, रविवार को पेश किए जाने की संभावना है लेकिन तारीख से भी ज्यादा चर्चा इस बात की है कि बजट की तैयारियां बिना किसी वित्त सचिव के चल रही हैं।
आमतौर पर वित्त सचिव वित्त मंत्रालय का सबसे वरिष्ठ अधिकारी होता है और बजट प्रक्रिया की निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और अहम नीतिगत फैसलों में उसकी अहम भूमिका होती है। बजट मशीनरी को दिशा देने की जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर होती है।
सेवानिवृत्ति के बाद खाली पड़ा है पद
वित्त सचिव पद पर आखिरी बार अजय सेठ तैनात थे, जो 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्हें बीमा नियामक IRDAI का चेयरमैन नियुक्त किया गया। उनसे पहले तुहिन कांता पांडे इस जिम्मेदारी को संभाल चुके हैं। फिलहाल सरकार ने इस पद के लिए किसी नए अधिकारी की घोषणा नहीं की है।
बजट पर कैसे चल रहा है काम
एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त सचिव के बिना भी बजट तैयार करने की प्रक्रिया सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है। आर्थिक मामलों, व्यय और राजस्व विभाग मिलकर बजट से जुड़े आंकड़ों, नीतियों और प्रस्तावों पर काम कर रहे हैं।
इस बार बजट की जिम्मेदारी एक तरह से सामूहिक नेतृत्व के तहत निभाई जा रही है। मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों के पास घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का व्यापक अनुभव है। प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर से जुड़े बोर्डों के प्रमुख भी बजट से संबंधित अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
सरकार का कहना है कि वित्त सचिव का पद खाली होने से बजट की गुणवत्ता या समय-सीमा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह बजट आम जनता और अर्थव्यवस्था के लिए क्या नया लेकर आएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी होंगी।