प्याज की कीमतों में आ सकती है तेजी

Edited By Updated: 21 Sep, 2022 11:08 AM

onion prices may rise

फिलहाल देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों खासकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में प्याज की कीमतें काफी नीचे चल रही हैं जिस वजह से किसान अपनी उत्पादन लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं लेकिन आने वाले दिनों में कीमतों में तेजी की संभावना जताई जा रही है...

बिजनेस डेस्कः फिलहाल देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों खासकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में प्याज की कीमतें काफी नीचे चल रही हैं जिस वजह से किसान अपनी उत्पादन लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं लेकिन आने वाले दिनों में कीमतों में तेजी की संभावना जताई जा रही है क्योंकि इन प्रमुख उत्पादक राज्यों में कई दिनों से जारी बारिश के मद्देनजर प्याज की खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।

फिलहाल खरीफ प्याज की आवक कर्नाटक में और छिटपुट तौर पर महाराष्ट्र में भी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र में खरीफ प्याज की आवक मुख्य रूप से अक्टूबर से शुरू होती है। वहीं इन राज्यों में पछेती खरीफ प्याज की रोपाई फिलहाल चल रही है। देश के कुल प्याज उत्पादन में जहां रबी प्याज की हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी है, वहीं खरीफ और पछेती खरीफ फसलों की हिस्सेदारी क्रमश: 20 फीसदी और 10 फीसदी के आस-पास है।

जानकारों के अनुसार, मौजूदा बारिश से जहां एक और तैयार खरीफ फसलों को नुकसान हो रहा है। वहीं पछेती खरीफ फसलों  को भी क्षति पहुंच रही है जिसकी बोआई अभी की जा रही है। भारतीय सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष श्रीराम गाढवे ने बताया कि बीते कुछ दिनों से महाराष्ट्र के साथ उत्तरी कर्नाटक के प्याज उत्पादक इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है। खेतों में पानी भरने से प्याज की जड़ खत्म हो रही है। जिससे खरीफ सीजन वाले प्याज की फसल को नुकसान के कारण उत्पादन घट सकता है।

इससे अगले महीने प्याज के दाम बढ़ सकते हैं। अभी किसानों को प्याज की ज्यादातर कीमत 10 से 14 रुपए किलो मिल रही है। बहुत अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज के भाव 17 रुपए किलो तक हैं। अगले महीने भाव बढ़कर 20 रुपए किलो के ऊपर जा सकते हैं। 

राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान व विकास प्रतिष्ठान के कार्यवाहक निदेशक पी के गुप्ता कहते हैं कि इस साल खरीफ सीजन में 20 से 25 फीसदी ज्यादा प्याज लगा है लेकिन बारिश से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में खेतों में लगी खरीफ वाले प्याज की फसल को नुकसान हुआ है। अगले महीने नई आवक शुरू होने तक अगर ज्यादा नुकसान हुआ तो प्याज की कीमतों में उछाल आ सकता है। वर्ष 2021-22 में प्याज का रिकॉर्ड 317 लाख टन उत्पादन हुआ था, जो वर्ष 2020-21 के 266 लाख टन से करीब 19 फीसदी ज्यादा है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश भर के खुदरा बाजारों में प्याज 12 से 60 रुपए किलो बिक रहा है। इसकी औसत कीमत 26.23 रुपए किलो है। 

उधर प्याज की गिरती कीमतों के कारण महाराष्ट्र के किसान परेशान हैं। पिछले करीब चार महीनों से प्याज के दाम किसानों को रुला रहे हैं। सरकार की तरफ से खरीदारी बंद होने के कारण किसानों को औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचना पड़ रहा है।
 

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