Edited By Sarita Thapa,Updated: 16 Jan, 2026 09:27 AM

प्रयागराज की पावन त्रिवेणी में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच, देश के कोने-कोने से आए 1.03 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल पर...
Magh Mela 2026 : प्रयागराज की पावन त्रिवेणी में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच, देश के कोने-कोने से आए 1.03 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल पर आस्था की डुबकी लगाई। सूर्य के उत्तरायण होने के अवसर पर संगम तट पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार 15 जनवरी 2026 को सुबह से ही घाटों पर 'हर-हर गंगे' के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। मकर संक्रांति के दो दिवसीय स्नान पर्व के दौरान कुल मिलाकर लगभग 1.85 करोड़ लोगों ने पुण्य लाभ कमाया।
प्रशासन के अनुसार, अकेले मकर संक्रांति के मुख्य दिन शाम तक यह आंकड़ा एक करोड़ को पार कर गया। इतनी विशाल भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन और पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी, ड्रोन और एआई (AI) कैमरों से निगरानी की गई। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष रूट डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था की।
स्नान के साथ-साथ कल्पवासियों और भक्तों ने तिल-गुड़ का दान किया और संगम तट पर खिचड़ी का भोग लगाया। संतों और नागा साधुओं की मौजूदगी ने मेले के वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया। मकर संक्रांति के इस सफल स्नान के बाद अब सबकी नजरें 18 जनवरी को होने वाले 'मौनी अमावस्या' स्नान पर्व पर हैं, जिसमें भीड़ के सभी रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद जताई जा रही है।
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