Edited By Sarita Thapa,Updated: 21 Jan, 2026 04:31 PM

हिंदू धर्म में फाल्गुन मास को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह वह समय है जब शिशिर ऋतु की विदाई होती है और वसंत की सुगंध वातावरण में घुलने लगती है। आध्यात्मिक दृष्टि से यह महीना केवल कैलेंडर का अंत नहीं, बल्कि भक्ति, रंगों और उल्लास के संगम का...
Falgun Month 2026 : हिंदू धर्म में फाल्गुन मास को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह वह समय है जब शिशिर ऋतु की विदाई होती है और वसंत की सुगंध वातावरण में घुलने लगती है। आध्यात्मिक दृष्टि से यह महीना केवल कैलेंडर का अंत नहीं, बल्कि भक्ति, रंगों और उल्लास के संगम का प्रतीक है। वर्ष 2026 में फाल्गुन मास कई मायनों में विशेष होने वाला है, क्योंकि इसी दौरान महाशिवरात्रि की अलौकिक शक्ति और होली का सामाजिक सौहार्द एक साथ देखने को मिलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में की गई साधना न केवल मानसिक शांति प्रदान करती है, बल्कि आने वाले नए वर्ष के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है। तो आइए जानते हैं कि फाल्गुन 2026 की शुरुआत कब से हो रही है और इस महीने के वे कौन से नियम हैं, जिनका पालन कर आप सुख-समृद्धि पा सकते हैं।
फाल्गुन 2026 कब शुरू होगा और कब समाप्त होगा ?
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन महीना 2026 में फरवरी के पहले सप्ताह से शुरू हो रहा है। वैदिक पंचांग की गणना के आधार पर इस वर्ष फाल्गुन मास की प्रतिपदा तिथि 02 फरवरी 2026 को पड़ रही है, जो इस पवित्र महीने का आधिकारिक प्रारंभ होगा। यह भक्ति और उल्लास का महीना पूरे 30 दिनों तक चलेगा और 03 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा के साथ पूर्ण हो जाएगा। आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि जैसे ही इस महीने का समापन होता है, अगले ही दिन यानी 04 मार्च 2026 से हिंदू नववर्ष के पहले महीने चैत्र का शुभारंभ हो जाएगा।

फाल्गुन मास का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन का महीना भगवान कृष्ण, भगवान शिव और चंद्रदेव को समर्पित है। इस महीने में भगवान कृष्ण के बाल, युवा और गुरु स्वरूप की पूजा की जाती है। महाशिवरात्रि इसी महीने आती है, इसलिए शिव भक्त पूरे महीने विशेष साधना करते हैं। माना जाता है कि इसी महीने चंद्र देव का प्राकट्य हुआ था, इसलिए मानसिक शांति के लिए उनकी पूजा अत्यंत फलदायी होती है।

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