Edited By Sarita Thapa,Updated: 11 Jan, 2026 11:04 AM

ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के एक नए फैसले ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है। मंदिर द्वारा संचालित गेस्ट हाउसों में पार्किंग शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसका चौतरफा विरोध हो रहा है।
Jagannath Puri news : ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के एक नए फैसले ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है। मंदिर द्वारा संचालित गेस्ट हाउसों में पार्किंग शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसका चौतरफा विरोध हो रहा है। मंदिर प्रशासन ने अपने चार प्रमुख भक्त निवासों- नीलाद्रि, गुंडिचा, पुरुषोत्तम और नीलाचल में ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार पहिया वाहनों का पार्किंग शुल्क ₹500 (18% GST सहित) प्रति 24 घंटे तय कर दिया है। यह नियम 7 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है।
विरोध के मुख्य कारण
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह शुल्क एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों की तुलना में भी बहुत अधिक है (जैसे भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर यह लगभग ₹165 है)। भक्त निवास के कमरों का किराया ₹900 से ₹2500 के बीच है। ऐसे में ₹500 का अतिरिक्त पार्किंग शुल्क ठहरने के खर्च को काफी बढ़ा देता है। विपक्षी दलों (BJD और कांग्रेस) और स्थानीय सेवायतों का आरोप है कि प्रशासन भक्तों की आस्था का फायदा उठाकर राजस्व बढ़ाना चाहता है।
प्रशासन का क्या है कहना?
इतने भारी विरोध के बावजूद प्रशासन अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहा है। SJTA के मुख्य प्रशासक अरबिंदा पाढ़ी ने स्पष्ट किया कि रोजाना औसतन केवल 10 वाहन ही इन गेस्ट हाउसों में पार्क होते हैं। उनका मानना है कि जो लोग कार से यात्रा कर रहे हैं, वे ₹500 का शुल्क वहन कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि उन्होंने कमरों का किराया नहीं बढ़ाया है ताकि आम भक्तों पर असर न पड़े। पार्किंग शुल्क केवल कार लाने वालों के लिए है। प्रशासन ने सुझाव दिया है कि यदि पर्यटक ₹500 नहीं देना चाहते, तो वे 'जगन्नाथ बल्लभ तीर्थ केंद्र' जैसे अन्य सार्वजनिक पार्किंग स्थलों का उपयोग कर सकते हैं, जहाँ शुल्क लगभग ₹240-250 है।
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