Edited By Sarita Thapa,Updated: 19 Jan, 2026 09:40 AM

उत्तर भारत में पड़ रही भीषण ठंड और शीत लहर के बावजूद श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है। श्रद्धालुओं का जोश ऐसा है कि वे शून्य से नीचे के तापमान में भी ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ाई कर रहे हैं।
Maa Vaishno Devi Yatra : उत्तर भारत में पड़ रही भीषण ठंड और शीत लहर के बावजूद श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है। श्रद्धालुओं का जोश ऐसा है कि वे शून्य से नीचे के तापमान में भी ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 18,000 से 25,000 श्रद्धालु मां के चरणों में हाजिरी लगा रहे हैं।
खुल गए प्राचीन गुफा के कपाट
श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्राचीन गुफा के कपाट खोल दिए गए हैं।आमतौर पर जब भीड़ कम होती है तब श्राइन बोर्ड प्राचीन गुफा से दर्शन की अनुमति देता है। वर्तमान में भीड़ की स्थिति को देखते हुए हर दिन करीब 1.5 से 2 घंटे के लिए इस गुफा को खोला जा रहा है, जिससे भक्तों को मां के मूल स्वरूप के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
श्राइन बोर्ड ने ठंड को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कड़े प्रबंध किए हैं। भवन और अर्धकुंवारी जैसे मुख्य पड़ावों पर पर्याप्त मात्रा में कंबल और गर्म पानी की व्यवस्था की गई है। बैटरी कार, रोपवे और घोड़ा-पालकी जैसी सेवाएं निरंतर जारी हैं। हालांकि, खराब मौसम या कोहरे के कारण हेलीकॉप्टर सेवा में कभी-कभी देरी हो सकती है। यात्रा मार्ग पर 24 घंटे डिस्पेंसरी और ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध है ताकि सांस लेने में दिक्कत होने पर यात्रियों की तुरंत मदद की जा सके।
मौसम का मिजाज
त्रिकुटा पर्वत पर सुबह और रात के समय तापमान काफी गिर जाता है। हाल ही में पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी भी देखी गई है, जिससे नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है। प्रशासन ने सलाह दी है कि श्रद्धालु अपने साथ पर्याप्त भारी ऊनी कपड़े और आरामदायक जूते जरूर रखें।
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