Edited By Prachi Sharma,Updated: 15 Jan, 2026 01:23 PM

Magh Vinayak Chaturthi 2026 :हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश को समर्पित होती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। हालांकि, माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का महत्व अन्य महीनों...
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Magh Vinayak Chaturthi 2026 :हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश को समर्पित होती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। हालांकि, माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का महत्व अन्य महीनों से कहीं अधिक है क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसलिए इसे गणेश जयंती, माघी गणेशोत्सव या तिलकुंद चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2026 में माघ विनायक चतुर्थी यानी गणेश जयंती का यह पावन पर्व बेहद शुभ संयोगों में मनाया जाएगा। आइए विस्तार से जानते हैं इसकी तिथि, पूजा मुहूर्त और इसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में।
माघ विनायक चतुर्थी 2026 की तिथि और मुहूर्त
गणेश जयंती तिथि: 22 जनवरी 2026, गुरुवार
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 22 जनवरी 2026 को सुबह 02:47 बजे से
चतुर्थी तिथि समाप्त: 23 जनवरी 2026 को सुबह 02:28 बजे तक
मध्याह्न पूजा मुहूर्त: सुबह 11:29 से दोपहर दोपहर 01:37 तक

कैसे करें बप्पा को प्रसन्न ?
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। यदि संभव हो तो जल में थोड़े तिल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।
पूजा स्थान पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। यदि प्रतिमा मिट्टी की हो तो सर्वश्रेष्ठ है।
बप्पा को लाल चंदन, अक्षत, धूप, दीप और विशेष रूप से दूर्वा अर्पित करें।
गणेश जयंती पर तिल से बने पकवानों का विशेष महत्व है। उन्हें तिल के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं।
इस दिन गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना या ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करना करियर और व्यापार की बाधाओं को दूर करता है।
