Edited By Sarita Thapa,Updated: 01 Jan, 2026 10:14 AM

नए साल की सुबह उज्जैन की गलियों में जय श्री महाकाल के उद्घोष के साथ एक अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। नववर्ष 2026 के इस खास मौके पर बाबा महाकाल के आंगन में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो गया है।
Mahakal mandir Update : नए साल की सुबह उज्जैन की गलियों में जय श्री महाकाल के उद्घोष के साथ एक अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। नववर्ष 2026 के इस खास मौके पर बाबा महाकाल के आंगन में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो गया है। भोर की पहली किरण के साथ ही, परंपरा के अनुसार विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग का विशेष पंचामृत पूजन किया गया, जिसके बाद महादेव का दिव्य राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया। बाबा का यह अलौकिक रूप भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्रद्धालुओं की इस अपार भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने दर्शन के समय में बढ़ोतरी करते हुए इसे रात 11 बजे तक जारी रखने का निर्णय लिया है, ताकि दूर-दराज से आए भक्त अपने आराध्य के दर्शन पा सकें।
विशेष पंचामृत पूजन और भव्य श्रृंगार
नए साल के खास मौके पर भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक किया गया।
पंचामृत अभिषेक
भोर की आरती के बाद बाबा महाकाल को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से स्नान कराया गया।
राजा स्वरूप श्रृंगार
अभिषेक के पश्चात बाबा महाकाल का 'राजा' स्वरूप में अलौकिक श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवों और आभूषणों से सजा बाबा का यह रूप भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
दर्शन के समय में बदलाव
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने दर्शन की व्यवस्था को और सुगम बनाया है। भीड़ के दबाव को कम करने और हर भक्त को दर्शन का लाभ देने के लिए मंदिर के पट रात 11 बजे तक खुले रखने का निर्णय लिया गया है। कतारों को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
भक्तों का उत्साह
अवन्तिका नगरी उज्जैन के चप्पे-चप्पे पर जय श्री महाकाल की गूंज सुनाई दे रही है। अनुमान है कि आज के दिन 5 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकाल के चरणों में मत्था टेकेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, छाया और चिकित्सा सहायता की भी विशेष व्यवस्था की है।
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