Edited By Prachi Sharma,Updated: 03 Feb, 2026 10:59 AM

Osho Life Mantra : ओशो के दर्शन में खालीपन कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक महाऔषधि है। जहां दुनिया इसे अकेलापन समझकर डरती है, ओशो इसे एकांत कहकर उत्सव मनाने की बात करते हैं। यदि आप अपनी जिंदगी में एक अजीब सी रिक्तता महसूस कर रहे हैं, तो ओशो का यह जीवन...
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Osho Life Mantra : ओशो के दर्शन में खालीपन कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक महाऔषधि है। जहां दुनिया इसे अकेलापन समझकर डरती है, ओशो इसे एकांत कहकर उत्सव मनाने की बात करते हैं। यदि आप अपनी जिंदगी में एक अजीब सी रिक्तता महसूस कर रहे हैं, तो ओशो का यह जीवन मंत्र आपके दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल सकता है।
अकेलापन बनाम एकांत:
ओशो कहते हैं कि जब आप अकेलेपन में होते हैं, तो आप दूसरे की कमी महसूस कर रहे होते हैं। यह एक अभाव है, एक घाव है। लेकिन जब आप एकांत में होते हैं, तो आप स्वयं की उपस्थिति का आनंद ले रहे होते हैं। अपनी खाली कुर्सी को देखकर दुखी होने के बजाय, उस खालीपन को एक स्पेस की तरह देखें जिसमें परमात्मा या अस्तित्व प्रवेश कर सकता है। जब तक आप दूसरों से भरे रहेंगे, आप अपने लिए जगह नहीं बना पाएंगे।
होने का आनंद
हमारी पूरी जिंदगी कुछ बनने की दौड़ में बीत जाती है बड़ा आदमी बनना, अमीर बनना, सफल बनना। ओशो का मंत्र है: कुछ मत बनो। जब आप कुछ बनने की कोशिश छोड़ देते हैं, तो आप वह हो जाते हैं जो आप वास्तव में हैं। जिंदगी का खालीपन इसलिए है क्योंकि आप अपनी जड़ों से कटकर भविष्य के सपनों में जी रहे हैं। अभी, इसी वक्त, बिना किसी शर्त के खुद को स्वीकार कर लेना ही खालीपन को भरने का पहला कदम है।
खालीपन को भरें नहीं, उसे अनुभव करें
हम अक्सर खालीपन से डरकर उसे गलत चीजों से भरने की कोशिश करते हैं: अत्यधिक सोशल मीडिया का उपयोग, बेवजह की बातचीत, रिश्तों में चिपकाव।ओशो कहते हैं, "जैसे ही तुम खालीपन को भरने की कोशिश करते हो, तुम उसे और गहरा कर देते हो। इस खालीपन के साथ बैठना सीखें। इसे बुद्ध ने शून्यता कहा है। जब आप इस शून्य के साथ दोस्ती कर लेते हैं, तो अचानक यह खालीपन एक पूर्णता में बदल जाता है।

साक्षी भाव
ओशो का सबसे बड़ा रहस्य है साक्षी होना। अपने भीतर उठने वाले विचारों, दुखों और उस खालीपन को ऐसे देखें जैसे आप सड़क पर चलते किसी अजनबी को देख रहे हैं। तुम वह खालीपन नहीं हो, तुम वह हो जो उस खालीपन को देख रहा है। जब आप देखने वाले बन जाते हैं, तो खालीपन आपको डराना बंद कर देता है और आप एक असीम शांति का अनुभव करते हैं।
प्रेम और ध्यान का संतुलन
ओशो के अनुसार, केवल ध्यान आपको भीतर ले जाता है और केवल प्रेम आपको बाहर बांटने में मदद करता है। ध्यान से आप अपना दीया जलाते हैं। प्रेम से आप उस रोशनी को दूसरों के साथ साझा करते हैं। यदि जीवन खाली लग रहा है, तो शायद आप सिर्फ लेने की कोशिश कर रहे हैं। जिस दिन आप अपनी ऊर्जा को देना शुरू कर देंगे, आपका पात्र अपने आप आनंद से भर जाएगा।
