Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 Jan, 2026 03:05 PM

आज के दौर में हमारे पास सुविधाएं पहले से कहीं अधिक हैं। अच्छे घर, बेहतरीन गैजेट्स, सुख-साधन और मनोरंजन के तमाम विकल्प मौजूद हैं। लेकिन एक सवाल जो अक्सर रात के सन्नाटे में हमें परेशान करता है, वह यह है सब कुछ होने के बाद भी मन इतना अशांत क्यों है।
BK Shivani Life Lessons for Modern Stress : आज के दौर में हमारे पास सुविधाएं पहले से कहीं अधिक हैं। अच्छे घर, बेहतरीन गैजेट्स, सुख-साधन और मनोरंजन के तमाम विकल्प मौजूद हैं। लेकिन एक सवाल जो अक्सर रात के सन्नाटे में हमें परेशान करता है, वह यह है सब कुछ होने के बाद भी मन इतना अशांत क्यों है। क्या सफलता का मतलब केवल बैंक बैलेंस बढ़ाना है या हम कहीं न कहीं जीवन के वास्तविक अर्थ को पीछे छोड़ आए हैं। तो आइए जानते हैं उस शांति को खोजने के कुछ गहरे सूत्र।
सुविधाओं और सुख के बीच का अंतर
अक्सर हम सुविधा को ही सुख मान लेते हैं। एसी कमरे में नींद की दवा खाकर सोना सुविधा हो सकती है, लेकिन चैन की नींद आना असली सुख है। अशांति का सबसे बड़ा कारण यह है कि हम अपनी बाहरी दुनिया को सजाने में इतने व्यस्त हो गए हैं कि आंतरिक दुनिया बिल्कुल उजाड़ हो गई है।
दौड़ का कोई अंत नहीं
शांति न मिलने की दूसरी वजह है अंतहीन तुलना। सोशल मीडिया के इस युग में हम दूसरों की रील्स देखकर अपनी रियल लाइफ को आंकने लगते हैं। जब तक हम दूसरों से आगे निकलने की होड़ में रहेंगे, तब तक मन कभी शांत नहीं रह पाएगा। शांति वहां शुरू होती है, जहां तुलना खत्म होती है।

जीवन का खोया हुआ उद्देश्य: मैं कौन हूं ?
शांति की तलाश तब तक अधूरी है जब तक हम अपने जीवन के उद्देश्य को केवल जीविका कमाना समझते हैं। जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि स्वयं को जानना और दूसरों के काम आना है। जब हम अपनी क्षमताओं का उपयोग किसी नेक काम या सेवा के लिए करते हैं, तो एक असीम संतुष्टि का जन्म होता है। वही संतुष्टि असली शांति है।
वर्तमान से दूरी
हम या तो बीती हुई कड़वी यादों में जी रहे हैं या भविष्य की अनजानी चिंताओं में। शांति केवल वर्तमान में निवास करती है। जो बीत गया वह हमारे हाथ में नहीं, और जो आने वाला है वह अभी आया नहीं। आज के पल को पूरी सचेत अवस्था में जीना ही अशांति का एकमात्र इलाज है।

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