Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 Aug, 2026 08:01 AM

सनातन धर्म में पुत्रदा एकदाशी का बहुत खास महत्व है माना गया है। पुत्रदा एकादशी का व्रत साल में दो श्रावण और पौष माह के शुक्ल पक्ष में आता है। यह दिन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को समर्पित होता है।
Sawan Putrada Ekadashi Mantra 2026 : सनातन धर्म में पुत्रदा एकदाशी का बहुत खास महत्व है माना गया है। पुत्रदा एकादशी का व्रत साल में दो श्रावण और पौष माह के शुक्ल पक्ष में आता है। यह दिन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को समर्पित होता है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से विष्णु जी की अराधना करने और उपवास रखने से दंपत्तियों को संतान प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाली सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही इस दिन पूजा के साथ कुछ मंत्रों का जाप करना बहुत कल्याणकारी होता है। तो आइए जानते हैं कि विष्णु जी की पूजा में कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए।
संतान गोपाल मंत्र
देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
अर्थ: हे देवकी के पुत्र, हे गोविंद, हे वासुदेव, हे जगत के स्वामी! मुझे एक योग्य संतान (पुत्र) प्रदान कीजिए, मैं आपकी शरण में आया/आई हूं।

श्रीकृष्ण मूल मंत्र
क्रीं कृष्णाय नमः
लाभ: बाल गोपाल के इस एकाक्षरी और मूल मंत्र का जाप मन में भक्ति, सकारात्मकता और संतान सुख की प्राप्ति में सहायक माना जाता है।
विष्णु गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
लाभ: इस मंत्र का जाप करने से घर-परिवार के वास्तु दोष और ग्रह बाधाएं शांत होती हैं, जिससे संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।
