Edited By Sarita Thapa,Updated: 17 Aug, 2026 11:48 AM

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पर्व पर बाबा महाकाल की भस्म आरती में आस्था का सैलाब उमड़ा। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए। पट खुलने के बाद सभामंडप में वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन कर भगवान महाकाल...
Ujjain Mahakal Mandir News : सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पर्व पर बाबा महाकाल की भस्म आरती में आस्था का सैलाब उमड़ा। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए। पट खुलने के बाद सभामंडप में वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन कर भगवान महाकाल से आज्ञा ली गई। इसके बाद चांदी का पट खोला गया और कर्पूर आरती संपन्न हुई। भस्म आरती से पहले नंदी हॉल में नंदीजी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया।
इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक हुआ। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से भगवान का अभिषेक और पूजन किया गया। भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया। उन्हें रजत चंद्र, त्रिशूल और मुकुट सहित विभिन्न आभूषण धारण कराए गए। भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार के बाद बाबा को भस्म अर्पित की गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला धारण कराई गई। फल और मिष्ठान का भोग भी लगाया गया।

भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था के तहत बिना परमिशन वाले श्रद्धालुओं ने भी बाबा महाकाल के दर्शन किए। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बाबा महाकाल के जयकारे गूंजते रहे। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के संयोग से मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा।

(विशाल ठाकुर)