Edited By Jyoti,Updated: 11 Sep, 2022 10:34 AM

इस वर्ष का पितृ पक्ष आरंभ हो चुका है, बता दें 10 सितंबर यानि बीते दिन शनिवार को ही पितृ पक्ष के प्रारंभ के साथ देश में श्राद्ध कर्म कांड होने शुरु हो गए हैं, जो 25 सितंबर
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इस वर्ष का पितृ पक्ष आरंभ हो चुका है, बता दें 10 सितंबर यानि बीते दिन शनिवार को ही पितृ पक्ष के प्रारंभ के साथ देश में श्राद्ध कर्म कांड होने शुरु हो गए हैं, जो 25 सितंबर रविवार तक संपन्न किए जाएंगे। श्राद्ध का हिंदू धर्म में अपना अलग ही महत्व है। ज्योतिष विशेषज्ञ बताते हैं कि इस दौरान जितना जरूरी होता है श्राद्ध कर्म करना आवश्यक होता है उतना ही जरूरी होते हैं दान पुण्य के कार्य करना। कहा जाता है पितृ जो कि हमारे पूर्वज होते हैं, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए दान करना बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे भाव से दान करता है उसके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
श्राद्ध का कार्य पितरों के ऋण चुकाने का सबसे सरल व सहज मार्ग है। पितृ पक्ष के 16 दिनों में श्राद्ध, पिंडदान आदि करने से पितृ प्रसन्न रहते हैं। पितृ दोष से भी मुक्ति इन्हीं दान से मिलती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें जिस किसी की भी कुंडली में पितृ दोष होता है उनके जीवन में बहुत सी कठिनाइयां उत्पन्न हो जाती हैं जैसे संतान की प्राप्ति न होना, नौकरी व कारोबार में मेहनत करने के बाद भी प्रगति न होना और अत्यंत नुकसान झेलना पड़े, मानसिक तनाव, किसी भी काम में सफलता न मिलना, परिवार में किसी न किसी की सेहत खराब रहना और जीवन में होने वाले शुभ कार्यों में बाधाएं आना आदि। ऐसे में ये बेहद जरूरी है कि पितृ दोष के कारणों को समय रहते हैं भांप लें ताकि इन्हें दूर किया जाए।

अक्सर लोगों को इन सब बातों का पता नहीं जिस कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तो चलिए आज आपको कुछ ऐसे उपाय बताते हैं जिनसे इन सभी प्रकार के कष्टों से आसानी से मुक्ति पाई जा सकती है, मगर इससे पहले जानते हैं क्या है पितृ दोष-
कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका विधि-विधान से अंतिम संस्कार न किया जाए या फिर किसी की अकाल मृत्यु हो जाए तो उस व्यक्ति के साथ-साथ उससे जुड़े समस्त परिवार के लोगों को कई पीढ़ियों तक पितृदोष झेलना पड़ता है। साथ ही साथ जो व्यक्ति स्त्री का सम्मान नहीं करता, मूक प्राणियों की हत्या करता है ऐसे लोगों को पितृ दोष लगता है।
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पितृदोष से मुक्ति पाने के उपाय-
पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए घर की दक्षिण दिशा की दीवार पर अपने स्वर्गीय पूर्वजों की फोटो लगाएं व उनको हार चढ़ाकर, उनकी पूजा करें।
सांयकाल के समय पीपल के वृक्ष के समक्ष दीप जलाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें इससे पितृों को शांति मिलती है।

यहां जानिए पीपल के वृक्ष से जुड़ा अन्य उपाय-
वृक्ष पर पुष्प, गंगाजल, अक्षत व दूध चढ़ाते हुए स्वर्गीय परिजनों की प्रार्थना तक उनसे आशीर्वाद मांगे।
पितरों के नाम से फलदार, छायादार वृक्ष लगाएं, माना जाता है इससे भी पितृ दोष कम होता है।

क्षमतानुसार गरीबों में वस्त्र, अन्न आदि दान करें, ऐसा करने से भी पितृ दोष से राहत मिलती है।
भगवान विष्णु जी के मंत्रों का जप करें, श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करें। इससे पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।
इसके अलावा पितृ पक्ष के दौरान प्रत्येक रूप से कुलदेवता की पूजा करें।
