Edited By Tanuja,Updated: 17 Jan, 2026 02:21 PM

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका-डेनमार्क तनाव के बीच डेनमार्क ने दो F-35 फाइटर जेट फ्रांसीसी MRTT टैंकर के साथ ग्रीनलैंड के ऊपर उड़ाकर सैन्य ताकत दिखाई। यह मिशन आर्कटिक हालात में संयुक्त ऑपरेशन और हवाई रिफ्यूलिंग अभ्यास पर केंद्रित रहा।
Washington: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच बढ़ते तनाव के बीच डेनमार्क ने आर्कटिक द्वीप पर अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है। शुक्रवार को डेनमार्क के दो F-35 फाइटर जेट ने फ्रांस के मल्टीरोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) एयरक्राफ्ट के साथ दक्षिण-पूर्वी ग्रीनलैंड के ऊपर संयुक्त प्रशिक्षण उड़ान भरी। डेनिश सेना के अनुसार, इस ट्रेनिंग मिशन का उद्देश्य आर्कटिक की कठिन परिस्थितियों में हवाई रिफ्यूलिंग, लंबी दूरी की उड़ानें और सुरक्षा से जुड़े संयुक्त अभियानों का अभ्यास करना था।
यह मिशन ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।डेनमार्क की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह उड़ान फाइटर विंग स्काइडस्ट्रप से शुरू होकर ग्रीनलैंड के पूर्वी तट पर कुलसुक क्षेत्र तक गई। फ्रांसीसी टैंकर एयरक्राफ्ट दक्षिणी फ्रांस के अपने बेस से रवाना होकर ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वहीं लौट गया। इस दौरान विमान उत्तरी अटलांटिक में फरो आइलैंड्स के ऊपर से भी गुजरे।
यह सैन्य गतिविधि ऐसे समय पर हुई है जब ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और ‘गोल्डन डोम’ डिफेंस सिस्टम के लिए अहम बता रहा है। व्हाइट हाउस की ओर से सैन्य विकल्प से इनकार न करने के संकेत भी दिए गए हैं। एक दिन पहले ही ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जो देश ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण का समर्थन नहीं करेंगे, उन पर टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इसके जवाब में डेनमार्क ने स्पष्ट किया है कि वह ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए वहां बड़ी और अधिक स्थायी NATO मौजूदगी स्थापित करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है।