Edited By Pardeep,Updated: 28 Mar, 2026 12:13 AM

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका और इजरायल से जुड़ी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। हालिया हमलों के बाद संभावित जवाबी कार्रवाई के संकेत देते हुए कहा गया है कि ऐसे कर्मचारी तुरंत अपने कार्यस्थल...
इंटरनेशनल डेस्कः ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका और इजरायल से जुड़ी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। हालिया हमलों के बाद संभावित जवाबी कार्रवाई के संकेत देते हुए कहा गया है कि ऐसे कर्मचारी तुरंत अपने कार्यस्थल छोड़ दें।
IRGC के एयरोस्पेस फोर्स कमांडर सेय्यद माजिद मूसवी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “तुमने हमें पहले भी परखा है; दुनिया ने फिर देखा कि आग से खेलना और बुनियादी ढांचे पर हमला करना तुमने शुरू किया है। इस बार जवाब ‘आंख के बदले आंख’ नहीं होगा,बस इंतजार करो।”

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि “अमेरिकियों और ज़ायनिस्ट शासन से जुड़ी औद्योगिक कंपनियों के कर्मचारी अपनी जान खतरे में डालने से बचने के लिए तुरंत अपने कार्यस्थल छोड़ दें।” ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह चेतावनी उन संभावित जवाबी अभियानों से जुड़ी है, जिनमें क्षेत्र भर में ऐसे प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा सकता है।
परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह चेतावनी उस समय आई है जब ईरान ने अपने परमाणु से जुड़े ढांचे पर हमलों की जानकारी दी। सरकारी मीडिया के अनुसार, एक हेवी-वॉटर प्लांट और एक येलोकेक उत्पादन सुविधा को निशाना बनाया गया। यह हमला उस वक्त हुआ जब इजरायल ने तेहरान के खिलाफ अपने अभियान को “और तेज और व्यापक” करने की धमकी दी थी।
ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि शहीद खोंदाब हेवी वॉटर कॉम्प्लेक्स और अर्दकान येलोकेक प्लांट को निशाना बनाया गया। हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और रेडियोधर्मी प्रदूषण का भी कोई खतरा नहीं बताया गया। वहीं इजरायली सेना ने कहा कि इन हमलों में “मिसाइल उत्पादन क्षमता, परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बुनियादी ढांचे और आतंकी शासन से जुड़े ठिकानों” को निशाना बनाया गया, जिससे यह साफ है कि अभियान का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
बातचीत जारी, लेकिन जमीन पर बढ़ता टकराव
इन घटनाओं के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत आगे बढ़ रही है और उन्होंने ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने के लिए समय सीमा भी बढ़ाई है। हालांकि, तेहरान की ओर से पीछे हटने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं, जिससे कूटनीतिक बयानों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ता अंतर साफ नजर आ रहा है।