तुर्की में ऐतिहासिक घटनाक्रमः चार दशक पुराने आतंकी संगठन का अंत, PKK ने डाले हथियार

Edited By Updated: 12 May, 2025 01:09 PM

pkk announces disbandment and end of turkey insurgenc

तुर्की से एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। चार दशकों से तुर्की सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे कुख्यात कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) ने खुद को भंग करने और सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने का निर्णय लिया...

इंटरनेशनल डेस्क: तुर्की से एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। चार दशकों से तुर्की सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे कुख्यात कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) ने खुद को भंग करने और सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस घटनाक्रम को क्षेत्रीय शांति और पश्चिम एशिया की राजनीति में एक बड़ा मोड़  और मध्य पूर्व में शांति बहाली की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

 

PKK के इस कदम की जानकारी संगठन से जुड़े एक मीडिया आउटलेट फिरात न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार को दी। रिपोर्ट के अनुसार, यह घोषणा PKK की एक विशेष कांग्रेस के समापन के दौरान की गई, जो पिछले सप्ताह उत्तरी इराक में आयोजित की गई थी। इस कांग्रेस को फरवरी 2025 में जेल में बंद संगठन के संस्थापक अब्दुल्ला ओकालान की ओर से आए आत्म-विघटन के आह्वान के जवाब में आयोजित किया गया था।

 

संघर्ष का इतिहास
PKK ने 1984 में तुर्की के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य कुर्द अल्पसंख्यकों के लिए स्वायत्तता और अधिकार सुनिश्चित करना था। इस लंबे संघर्ष में 40,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। तुर्की, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने PKK को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। 

 

क्षेत्रीय प्रभाव
PKK के इस फैसले से तुर्की ही नहीं, बल्कि इसके पड़ोसी देशों जैसे सीरिया और इराक में भी दूरगामी राजनीतिक और सैन्य परिणाम देखने को मिल सकते हैं। खासकर सीरिया में, जहां कुर्द मिलिशिया बल अमेरिकी सेनाओं के साथ मिलकर इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय हैं, वहां संतुलन बदल सकता है।

तुर्की सरकार की प्रतिक्रिया
फिलहाल तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन के कार्यालय और विदेश मंत्रालय ने इस विषय पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। लेकिन जानकारों का मानना है कि यदि PKK वास्तव में हथियार छोड़ता है, तो यह तुर्की की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता मानी जाएगी।


कौन है अब्दुल्ला ओकालान?
PKK का संस्थापक अब्दुल्ला ओकालान 1999 से तुर्की की जेल में बंद हैं। उसने कई बार संघर्ष को समाप्त करने की अपील की थी, लेकिन संगठन के कुछ कट्टरपंथी धड़े इसके विरोध में थे। अब जब संगठन ने उनके आह्वान को स्वीकार कर लिया है, तो यह माना जा रहा है कि ओकालान का प्रभाव संगठन में अब भी मजबूत बना हुआ है।  

 

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