रूसी राष्ट्रपति का जंग के बीच बड़ा कदम, यूक्रेन में तीन दिन संघर्षविराम का किया ऐलान

Edited By Updated: 28 Apr, 2025 06:14 PM

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के बीच एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि 8 मई से 10 मई 2025 तक यूक्रेन में तीन दिन का संघर्षविराम (Ceasefire  लागू रहेगा...

 

Moscow: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के बीच एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि 8 मई से 10 मई 2025 तक यूक्रेन में तीन दिन का संघर्षविराम (Ceasefire  लागू रहेगा।  क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) ने स्पष्ट किया है कि रूस ने एकतरफा संघर्षविराम की पेशकश की है और उम्मीद जताई है कि यूक्रेन भी इस संघर्षविराम का पालन करेगा। लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर यूक्रेन ने इस दौरान कोई भी युद्धविराम उल्लंघन किया, तो रूस जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार रहेगा।  

 
इस संघर्षविराम की घोषणा का विशेष महत्व है क्योंकि 9 मई को रूस में  विजय दिवस' (Victory Day) मनाया जाता है। यह दिन द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी के खिलाफ सोवियत संघ की जीत की याद में हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।   रूस में यह दिन राष्ट्रीय गौरव और बलिदान की भावना से जुड़ा हुआ है। इस मौके पर बड़े पैमाने पर परेड, श्रद्धांजलि कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। इसलिए रूस ने तय किया है कि युद्ध के बीच कम से कम इन तीन दिनों तक गोलाबारी और हिंसा पर विराम लगाया जाए।  

 

 

 यूक्रेन की प्रतिक्रिया का इंतजार
रूस ने संघर्षविराम की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अब सबकी नजर यूक्रेन की प्रतिक्रिया पर टिकी है। क्या यूक्रेन भी इस युद्धविराम का सम्मान करेगा? या फिर हालात वैसे ही तनावपूर्ण बने रहेंगे? यूक्रेन की तरफ से इस घोषणा पर अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।  
 

युद्ध की ताजा स्थिति

  • - पिछले कुछ महीनों में रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई बेहद उग्र हो गई है।
  • - कई इलाकों में भारी नुकसान हो चुका है और हजारों सैनिक और नागरिक जान गंवा चुके हैं।
  • - रूस ने हाल ही में पूर्वी यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर दबाव बढ़ाया है।
  • - वहीं यूक्रेन ने पश्चिमी देशों से लगातार सैन्य सहायता मांगी है और कई जगहों पर जवाबी हमले भी तेज किए हैं।  

 
रूस के इस संघर्षविराम प्रस्ताव को शांति की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। अगर दोनों देश इस पहल का सम्मान करते हैं तो यह भविष्य में किसी बड़े शांति समझौते की ओर बढ़ने का रास्ता भी खोल सकता है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहना जल्दबाजी होगी कि केवल तीन दिन की शांति से हालात स्थायी रूप से बदल जाएंगे।

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