Edited By Tanuja,Updated: 16 Jan, 2026 06:14 PM

अमेरिका ने जर्मनी के रामस्टीन एयरबेस से तीन C-17 सैन्य विमान हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया एयरबेस भेजे हैं। कार्गो की जानकारी गोपनीय है। रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक यह कदम ईरान को लेकर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़ा हो सकता है।
International Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक बार फिर सैन्य हलचल तेज कर दी है। जर्मनी के रामस्टीन एयरबेस से अमेरिका के तीन C-17 ग्लोबमास्टर सैन्य परिवहन विमान उड़ान भरकर सीधे हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया एयरबेस पर उतरे हैं। डिएगो गार्सिया को अमेरिकी सेना का सबसे रणनीतिक और गोपनीय ठिकाना माना जाता है, जहां से अक्सर बड़े सैन्य अभियानों को अंजाम दिया गया है। इन विमानों में क्या कार्गो ले जाया गया, इस पर अमेरिकी रक्षा विभाग ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
हालांकि, सैन्य ट्रैकिंग डेटा (ACARS) और ओपन-सोर्स मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, इस तरह की तैनाती आमतौर पर रूटीन अभ्यास नहीं होती, बल्कि किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी का संकेत मानी जाती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई बड़ा सैन्य कदम उठाता है, तो डिएगो गार्सिया से लॉन्च किया गया हमला सबसे संभावित विकल्प हो सकता है। यह बेस ईरान की मिसाइल रेंज से अपेक्षाकृत सुरक्षित है और अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। फिलहाल, वॉशिंगटन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान में आंतरिक अशांति, अमेरिकी धमकियां और क्षेत्रीय तनाव चरम पर हैं।