Edited By Mehak,Updated: 10 Jan, 2026 12:02 PM

अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की योजना बना रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर इसे ‘आसान तरीके’ से हासिल नहीं किया गया तो ‘मुश्किल तरीका’ अपनाया जाएगा। ग्रीनलैंड राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्कटिक शिपिंग रूट, स्पेस सर्विलांस और प्राकृतिक...
नेशनल डेस्क : अमेरिका अब ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की योजना बना रहा है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट के अनुसार, अमेरिकी सरकार इस पर किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। अमेरिका इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम मानता है और इसके लिए सैन्य विकल्प भी सोच रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार खुलकर कहा है कि अगर इसे 'आसान तरीके' से हासिल नहीं किया गया, तो 'मुश्किल तरीका' अपनाया जाएगा।
क्यों जरूरी है ग्रीनलैंड?
सबसे बड़ा कारण राष्ट्रीय सुरक्षा है। ग्रीनलैंड का स्थान अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यह नॉर्थ पोल के पास स्थित है और आर्कटिक सर्कल में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को मजबूत कर सकता है। यहां का 'पिटुफिक स्पेस बेस' अमेरिका को मिसाइल और स्पेस सर्विलांस की जानकारी देता है। इस इलाके पर नियंत्रण होने से अमेरिका रूस और चीन जैसी शक्तियों की गतिविधियों पर नजर रख सकता है।
आधुनिक खजानों से भरा है ग्रीनलैंड
ग्रीनलैंड सिर्फ सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक संसाधनों से भी समृद्ध है। यहां रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REEs) मौजूद हैं, जो अमेरिका को चीन पर निर्भर रहने से बचा सकते हैं। इसके अलावा, यहां यूरेनियम, लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, तेल और गैस भी बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। अमेरिका के लिए ये संसाधन तकनीकी और ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।
नया ट्रेड रूट और ग्लोबल कंट्रोल
क्लाइमेट चेंज के कारण आर्कटिक में नए शिपिंग रूट खुल रहे हैं। ये रूट एशिया, यूरोप और अमेरिका के बीच दूरी को कम कर सकते हैं। छोटे रूट से व्यापार लागत कम होगी और जिस देश के पास इन पर नियंत्रण होगा, वह वैश्विक व्यापार में प्रमुख भूमिका निभा सकेगा। ग्रीनलैंड इन नए रूट्स के लिए अहम स्थान है।
स्पेस और सैटेलाइट कंट्रोल
ग्रीनलैंड पोलर सैटेलाइट्स के लिए भी रणनीतिक महत्व रखता है। यहां से स्पेस ट्रैकिंग और कम्युनिकेशन के साथ-साथ स्पेस वारफेयर और सर्विलांस को मजबूत किया जा सकता है। इस दृष्टि से भी अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड महत्वपूर्ण है।
चीन और रूस की बढ़ती ताकत रोकने की योजना
चीन और रूस पिछले सालों में आर्कटिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। चीन माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च में सक्रिय है, वहीं रूस ने सैन्य बेस, न्यूक्लियर आइसब्रेकर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स से ताकत बढ़ाई है। अमेरिका नहीं चाहता कि ग्रीनलैंड में चीन या रूस की पकड़ बढ़े। इसी कारण अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहता है।