Edited By Tanuja,Updated: 03 Jan, 2026 11:57 AM

यमन के यूएई समर्थित अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल ने दक्षिण यमन को ‘स्वतंत्र राष्ट्र’ घोषित करने के लिए संविधान जारी किया है। इस कदम से सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
International Desk: यमन के अलगाववादियों ने शुक्रवार को दक्षिण में एक ‘‘स्वतंत्र राष्ट्र'' के लिए संविधान की घोषणा की और युद्धग्रस्त देश के अन्य गुटों से इसे स्वीकार करने को कहा। यह कदम खाड़ी के शक्तिशाली देशों सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है। संयुक्त अरब अमीरात समर्थित ‘सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल' (STC) ने इस घोषणा को दक्षिण की स्वतंत्रता की घोषणा के रूप में चित्रित किया लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस कदम को वास्तव में लागू किया जा सकेगा या यह केवल प्रतीकात्मक होगा।
संयुक्त अरब अमीरात ने शनिवार तड़के घोषणा की कि उसने यमन से अपने सभी सैनिकों को पूरी तरह से वापस बुला लिया है। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार सुबह घोषणा की कि यमन से उसके सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मंत्रालय ने स्थानांतरित किए गए सैनिकों और उपकरणों की संख्या के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। इससे पहले, एसटीसी से जुड़े लड़ाकों ने सऊदी समर्थित बलों से दक्षिण के दो प्रांतों का नियंत्रण पिछले महीने अपने हाथ में ले लिया था और दक्षिण के प्रमुख शहर अदन में राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा कर लिया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के सदस्य सऊदी अरब की राजधानी रियाद भाग गए।
इस बीच, सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने शुक्रवार को दक्षिणी यमन में संयुक्त अरब अमीरात समर्थित बलों पर हमले किये। एक अलगाववादी नेता ने बताया कि शुक्रवार को सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने हद्रामौत प्रांत में एसटीसी के कब्जे वाले शिविरों एवं सैन्य ठिकानों पर बमबारी की और सऊदी समर्थित लड़ाकों ने इन ठिकानों पर कब्जा करने की कोशिश की। सऊदी अरब ने हाल के सप्ताह में एसटीसी बलों पर कई बार बमबारी की है और ‘‘अलगाववादियों के लिए भेजे जा रहे अमीराती हथियारों की खेप पर हमला'' किया है। पिछले महीने एसटीसी द्वारा यमन के हद्रामौत और महरा प्रांतों में प्रवेश किए जाने और तेल समृद्ध क्षेत्र पर कब्जा किए जाने के बाद सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव बढ़ गया।