Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Jan, 2026 12:56 PM

साल 2026 की शुरुआत के साथ ही नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स प्लानिंग का समय भी आ गया है। अगर आपकी सालाना आय ₹15 लाख (विशेष रूप से ₹14.66 लाख) तक है, तो नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत आप अपनी पूरी सैलरी को टैक्स-फ्री बना सकते हैं।
नेशनल डेस्क: साल 2026 की शुरुआत के साथ ही नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स प्लानिंग का समय भी आ गया है। अगर आपकी सालाना आय ₹15 लाख (विशेष रूप से ₹14.66 लाख) तक है, तो नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत आप अपनी पूरी सैलरी को टैक्स-फ्री बना सकते हैं।
यहां इस खास टैक्स सेविंग गणित को आसान भाषा में समझाया गया है:
₹12 लाख से ₹14.66 लाख तक का सफर
आम तौर पर नई टैक्स व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता (रिबेट के कारण)। लेकिन सही प्लानिंग के साथ इस सीमा को बढ़ाया जा सकता है:
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स्टैंडर्ड डिडक्शन (₹75,000): इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 115BAC(1A)(iii) के तहत हर सैलरीड व्यक्ति को यह छूट मिलती है। इससे ₹12.75 लाख तक की सैलरी सीधे टैक्स-फ्री हो जाती है।
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कंपनी का योगदान (EPF & NPS): अगर आपकी कंपनी आपकी बेसिक सैलरी का हिस्सा EPF (12%) और NPS (14%) में डालती है, तो यह पैसा आपकी कुल सैलरी (CTC) का हिस्सा होने के बावजूद टैक्स के दायरे से बाहर रहता है।
₹14.66 लाख की सैलरी पर 'जीरो टैक्स' का गणित
मान लीजिए आपकी कुल सालाना सैलरी (CTC) ₹14.66 लाख है और आपकी बेसिक सैलरी इसका 50% यानी ₹7.33 लाख है:
| विवरण |
राशि (₹) |
स्थिति |
| कुल सैलरी (CTC) |
14,66,000 |
- |
| (-) स्टैंडर्ड डिडक्शन |
75,000 |
टैक्स छूट |
| (-) कंपनी का EPF योगदान (12%) |
87,960 |
टैक्स-फ्री |
| (-) कंपनी का NPS योगदान (14%) |
1,02,620 |
टैक्स-फ्री |
| शुद्ध टैक्सेबल इनकम |
12,00,000 |
शून्य टैक्स (रिबेट के बाद) |
ध्यान दें: नई टैक्स व्यवस्था में आपको अपने खुद के निवेश (जैसे LIC, PPF आदि) पर 80C की छूट नहीं मिलती, लेकिन एम्प्लॉयर (कंपनी) द्वारा किए गए योगदान पर पूरी छूट मिलती है।
टैक्स बचत के साथ करोड़ों का फंड
यह प्लानिंग न केवल आज आपका टैक्स बचाती है, बल्कि बुढ़ापे के लिए एक बड़ा फंड भी तैयार करती है।
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NPS का जादू: अगर 25 साल का युवा ₹10,000 महीना जमा करे (5% सालाना बढ़ोतरी के साथ) और 12% रिटर्न मिले, तो 60 की उम्र तक ₹8.62 करोड़ का फंड बन सकता है।
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EPF की ताकत: इसी तरह ₹10,000 महीने के EPF निवेश पर 8.25% ब्याज के साथ लगभग ₹4.05 करोड़ जमा हो सकते हैं।
इस फायदे को लेने के लिए आपकी कंपनी का EPFO और NPS दोनों में रजिस्टर्ड होना जरूरी है। यदि आपकी कंपनी केवल EPF की सुविधा देती है, तो भी आप लगभग ₹13.56 लाख तक की सैलरी को टैक्स-फ्री रख सकते हैं।