Edited By Harman Kaur,Updated: 29 May, 2025 04:53 PM

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 580 कंपनियों की तैनाती का आदेश दिया है। इसके तहत करीब 42,000 जवान तैनात होंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 580 कंपनियों की तैनाती का आदेश दिया है। इसके तहत करीब 42,000 जवान तैनात होंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, सीएपीएफ की 424 कंपनियों को केंद्र शासित प्रदेश में भेजा जा रहा है, जबकि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान जम्मू-कश्मीर में भेजी गयीं शेष 80 कंपनियों को स्थानांतरित करके अमरनाथ यात्रा के मार्ग, तीर्थयात्रियों और श्रीनगर सहित अन्य क्षेत्रों की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा।

3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन सुरक्षा बलों को ‘तुरंत' रवाना होने और जून के दूसरे सप्ताह तक जम्मू-कश्मीर में मोर्चा संभालने का निर्देश दिया है। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर नौ अगस्त को समाप्त होगी। सूत्रों के मुताबिक, तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा तैनाती योजना पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पैदा हुई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए सीएपीएफ की करीब 580 कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है। इसमें केंद्र शासित प्रदेश में पहले से मौजूद 150-160 कंपनियां शामिल हैं।'' उन्होंने बताया कि ये कंपनियां पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों— केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी)— से ली गई हैं। इनमें से प्रत्येक कंपनी में करीब 70-75 जवान होते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बृहस्पतिवार को अपने प्रस्तावित जम्मू दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी करेंगे। सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कश्मीर में रहने के दौरान पिछले सप्ताह अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की थी। बीएसएफ के डीजी दलजीत सिंह चौधरी के भी श्रीनगर में सीमा सुरक्षा और यात्रा की समीक्षा करने की संभावना है।