Edited By Parveen Kumar,Updated: 29 Mar, 2026 09:05 PM

हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सीट चयन को लेकर नए नियम जारी किए हैं, जो 20 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन नियमों के तहत एयरलाइंस को हर फ्लाइट में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना...
नेशनल डेस्क : हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सीट चयन को लेकर नए नियम जारी किए हैं, जो 20 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन नियमों के तहत एयरलाइंस को हर फ्लाइट में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध करानी होंगी।
अब ज्यादा सीटें होंगी मुफ्त
नए निर्देशों के अनुसार, यात्रियों को अब सीट चुनने के लिए हर बार अतिरिक्त पैसे नहीं देने होंगे। अभी तक यह सुविधा सीमित थी और केवल करीब 20 प्रतिशत सीटें ही बिना शुल्क के उपलब्ध होती थीं, जबकि बाकी सीटों के लिए 200 से 2000 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लिया जाता था। नए नियम के बाद मुफ्त सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
सीट अलॉटमेंट में पारदर्शिता पर जोर
DGCA ने एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। बुकिंग के दौरान यात्रियों को साफ तौर पर दिखाया जाना चाहिए कि कौन-सी सीटें मुफ्त हैं और किनके लिए शुल्क देना होगा। इससे यात्रियों को बेहतर और निष्पक्ष विकल्प मिल सकेंगे।
साथ बैठ सकेंगे परिवार और दोस्त
नए नियम में यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। एक ही PNR पर यात्रा कर रहे लोगों को, जहां तक संभव हो, एक साथ या पास-पास सीट देने की व्यवस्था करने को कहा गया है। इससे परिवार और दोस्तों के साथ सफर करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।
एयरलाइंस ने जताई चिंता
हालांकि इस फैसले को लेकर कुछ एयरलाइंस ने आपत्ति जताई है। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों का कहना है कि इस बदलाव से उनकी अतिरिक्त कमाई प्रभावित हो सकती है और वे किराए में बढ़ोतरी करने पर विचार कर सकती हैं।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नए नियम का फायदा रोजाना लाखों यात्रियों को मिलेगा। भारत में हर दिन 5 लाख से अधिक लोग हवाई यात्रा करते हैं। ऐसे में सीट चयन पर लगने वाला अतिरिक्त खर्च कम होने से यात्रियों का सफर पहले की तुलना में सस्ता और सुविधाजनक हो सकता है।