Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Feb, 2026 01:23 PM

क्रिप्टो करेंसी की दुनिया में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस बिटकॉइन को कभी 'डिजिटल सोना' कहकर सिर आंखों पर बिठाया गया था, आज वही अपने निवेशकों की नींद उड़ा रहा है। गुरुवार को बिटकॉइन की कीमत गिरकर 70,000 डॉलर के नीचे पहुंच गई, जो बीते 15 महीनों...
नेशनल डेस्क: क्रिप्टो करेंसी की दुनिया में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस बिटकॉइन को कभी 'डिजिटल सोना' कहकर सिर आंखों पर बिठाया गया था, आज वही अपने निवेशकों की नींद उड़ा रहा है। गुरुवार को बिटकॉइन की कीमत गिरकर 70,000 डॉलर के नीचे पहुंच गई, जो बीते 15 महीनों में पहली बार हुआ है। इस अचानक आई गिरावट ने न केवल निवेशकों के करोड़ों रुपये डुबो दिए हैं, बल्कि पूरे वैश्विक बाजार में डर पैदा कर दिया है। न्यूयॉर्क के बाजार में यह फिसलकर 69,821 डॉलर तक आ गया, जो कि अक्टूबर 2025 में इसके शिखर पर रहने के मुकाबले करीब 44 फीसदी कम है।
भरोसे की कमी और बाजार का डर
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस समय क्रिप्टो की दुनिया एक बड़े 'भरोसे के संकट' से जूझ रही है। लोगों को अब इस डिजिटल संपत्ति में पैसा लगाने में डर लगने लगा है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 24 घंटों में ही निवेशकों के करोड़ों रुपये की बड़ी पोजीशन बाजार से साफ हो गई हैं। पहले तो यह गिरावट सिर्फ क्रिप्टो तक सीमित थी, लेकिन अब इसने दुनिया भर के शेयर बाजारों की बेचैनी को भी अपने लपेटे में ले लिया है। अमेरिका के नैस्डैक 100 में आई बड़ी गिरावट का सीधा असर बिटकॉइन की सेहत पर पड़ा है।
ETF से भी पैर खींच रहे निवेशक
क्रिप्टो बाजार की मजबूती का एक बड़ा सहारा अमेरिका में लिस्टेड बिटकॉइन ईटीएफ (ETF) को माना जा रहा था, लेकिन अब वहां से भी लोग अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं। जहाँ कुछ दिन पहले तक बाजार में पैसा आ रहा था, वहीं अब अचानक 800 मिलियन डॉलर से ज्यादा की निकासी ने गिरावट की आग में घी का काम किया है। निवेशकों के इसी रुख ने बिटकॉइन को उस पायदान पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ से वापसी का रास्ता फिलहाल धुंधला नजर आ रहा है।
क्या अब भी है संभलने की गुंजाइश?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिटकॉइन की यह गिरावट यहीं रुकेगी? एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर यह 72,000 डॉलर के स्तर को दोबारा नहीं छू पाता, तो यह 68,000 डॉलर या उससे भी नीचे जा सकता है। पिछले एक हफ्ते में ही पूरे क्रिप्टो बाजार की वैल्यू में से करीब 4.6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो चुके हैं। जहां कुछ लोग इसे सस्ता समझकर खरीदने का मौका मान रहे हैं, वहीं अधिकतर लोग इसे क्रिप्टो के सुनहरे दौर के अंत की शुरुआत मानकर डरे हुए हैं। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यह बाजार फिर से चमकेगा या और गहरी खाई में गिरेगा।