Edited By Anu Malhotra,Updated: 09 Jan, 2026 01:13 PM

हड्डी के कैंसर (Bone Cancer) से जूझ रहे मरीजों के लिए विज्ञान की दुनिया से एक अहम खबर आई है। ब्राजील और पुर्तगाल के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा 'स्मार्ट' हथियार तैयार किया है जो न सिर्फ कैंसर के दुश्मनों को खत्म करेगा, बल्कि टूटी हुई हड्डियों की मरम्मत भी...
नेशनल डेस्क: हड्डी के कैंसर (Bone Cancer) से जूझ रहे मरीजों के लिए विज्ञान की दुनिया से एक अहम खबर आई है। ब्राजील और पुर्तगाल के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा 'स्मार्ट' हथियार तैयार किया है जो न सिर्फ कैंसर के दुश्मनों को खत्म करेगा, बल्कि टूटी हुई हड्डियों की मरम्मत भी खुद कर देगा। आमतौर पर कैंसर के इलाज में ट्यूमर हटाने के बाद हड्डी को वापस जोड़ने या उसे मजबूती देने के लिए अलग से प्रक्रियाओं की जरूरत होती है। लेकिन वैज्ञानिकों ने मैग्नेटिक नैनोमैटेरियल के रूप में एक ऐसा समाधान खोजा है जो 'किलर' और 'बिल्डर' दोनों की भूमिका निभाता है।
यह तकनीक दो मुख्य परतों पर टिकी है:
आंतरिक कोर (Iron Oxide): इसके केंद्र में लोहे के ऑक्साइड के चुंबकीय कण हैं।
बाहरी कवच (Bioactive Glass): इसके ऊपर कांच जैसी एक जैविक परत है जो शरीर की कोशिकाओं के साथ आसानी से घुल-मिल जाती है।
कैंसर का 'थर्मल' अंत: कैसे काम करता है यह सिस्टम?
इस इलाज का सबसे दिलचस्प पहलू इसका काम करने का तरीका है। जब इस नैनोमैटेरियल को शरीर के प्रभावित हिस्से में डाला जाता है और एक बाहरी चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) सक्रिय किया जाता है, तो इसके अंदर मौजूद लोहा गर्म होने लगता है।
मैग्नेटिक हाइपरथर्मिया:
इस बढ़ते तापमान की वजह से कैंसर कोशिकाएं जलकर नष्ट हो जाती हैं। अच्छी बात यह है कि यह गर्मी इतनी नियंत्रित होती है कि केवल कैंसर सेल्स को निशाना बनाती है, जिससे आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचता।
सिर्फ इलाज ही नहीं, रिकवरी भी सुपरफास्ट
इस शोध की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यह मैटेरियल कैंसर खत्म करने के बाद वहां खाली जगह नहीं छोड़ता। इसकी बाहरी बायोएक्टिव ग्लास वाली परत शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आते ही एपाटाइट (Apatite) बनाना शुरू कर देती है। एपाटाइट वही मुख्य खनिज है जिससे हमारी असली हड्डियाँ बनी होती हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिस सैंपल में कैल्शियम की मात्रा अधिक थी, वहां हड्डी बनने की प्रक्रिया और चुंबकीय शक्ति दोनों ही सबसे ज्यादा प्रभावी रही।
मरीजों के लिए इसके मायने क्या हैं?
इस खोज को हड्डी के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है क्योंकि:-
-ट्यूमर के खात्मे और हड्डी के जुड़ाव के लिए अलग-अलग सर्जरी की जरूरत कम होगी।
-शरीर के प्राकृतिक खनिजों के साथ तालमेल बैठने से रिकवरी का समय घट सकता है।
-यह भविष्य के उस चिकित्सा युग की ओर इशारा है जहां दवाएं खुद जानती हैं कि उन्हें शरीर के किस हिस्से को ठीक करना है। डॉक्टर एंजेला एंड्राडे और उनकी टीम की यह रिसर्च भविष्य में कैंसर उपचार को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।