CAIT Report: भाई दूज पर Indian Economy को लगा सेल की Booster Dose का टीका, देश भर में दर्ज की ₹22,000 करोड़ की रिकॉर्ड सेल

Edited By Updated: 23 Oct, 2025 01:12 PM

cait report record sales of 22 000 crore recorded across the country

साल 2025 का भाई दूज का त्योहार देश भर के बाजारों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने गुरुवार को बताया कि भाई दूज के अवसर पर पूरे देश में अनुमानित 22,000 करोड़ रुपये का बड़ा कारोबार हुआ।

नेशनल डेस्क: साल 2025 का भाई दूज का त्योहार देश भर के बाजारों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने गुरुवार को बताया कि भाई दूज के अवसर पर पूरे देश में अनुमानित 22,000 करोड़ रुपये का बड़ा कारोबार हुआ। यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था में त्योहारों के महत्व को दर्शाता है। इस बड़े कारोबार में देश की राजधानी दिल्ली ने अकेले 2,800 करोड़ रुपये का योगदान दिया। भाई-बहन के इस विशेष बंधन को मनाने के लिए लोगों ने जमकर उपहार, मिठाई और अन्य पारंपरिक वस्तुएं खरीदीं, जिससे बाजारों में भारी उत्साह देखने को मिला।

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बाजारों में दिखा भारी उत्साह

गुरुवार को भाई दूज का त्योहार शहरों, कस्बों और गांवों में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। तिलक लगाने और उपहारों के आदान-प्रदान से लेकर पारिवारिक समारोहों और दावतों तक यह दिन खुशी और एकजुटता से भरा रहा।

दिल्ली, मुंबई, जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों के बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। CAIT के अनुसार मिठाई और ड्राई फ्रूट्स, कपड़े और साड़ियाँ, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण और गिफ्ट हैंपर्स जैसी श्रेणियों में जबरदस्त मांग देखी गई। इसके अलावा ट्रैवल, कैब सेवाएं, रेस्टोरेंट और होटलों के कारोबार में भी भारी उछाल दर्ज किया गया।

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'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' को मिली मजबूती

चांदनी चौक से सांसद और CAIT के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि भाई दूज केवल एक पारिवारिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के समारोहों ने सरकार के 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियानों को भी मजबूती दी।

CAIT ने रिपोर्ट दी कि स्वदेशी (Swadeshi) वस्तुओं की बिक्री में पिछले साल की तुलना में लगभग 50 % की वृद्धि हुई है। पारंपरिक मिठाई, हाथ से बने उपहार, ड्राई फ्रूट्स और हथकरघा कपड़ों की ज़ोरदार मांग रही।

खंडेलवाल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह त्योहार भारत के गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि क्षेत्र की लचीलापन को दर्शाता है, जो देश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। CAIT का मानना है कि भाई दूज जैसे अवसर न केवल सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को स्वदेशी उत्पाद चुनने के लिए प्रेरित करके भारत की पारंपरिक बाजार संस्कृति को भी पुनर्जीवित करते हैं।

 

 

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