Edited By Anu Malhotra,Updated: 14 May, 2025 10:58 AM

भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है। चीन ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बदलने की कोशिश की है, जिसे भारत ने पूरी तरह खारिज करते हुए सख्त लहजे में जवाब दिया है। भारत का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश...
नेशनल डेस्क: भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है। चीन ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बदलने की कोशिश की है, जिसे भारत ने पूरी तरह खारिज करते हुए सख्त लहजे में जवाब दिया है। भारत का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है – यह एक अटल सच्चाई है जिसे किसी भी तरह के नामकरण या दावे से बदला नहीं जा सकता।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीन द्वारा की गई यह कवायद न तो नई है और न ही प्रभावशाली। उन्होंने इसे "व्यर्थ और बेतुका" करार देते हुए कहा कि भारत अपने रुख पर पूरी तरह अडिग है और रहेगा।
गौरतलब है कि चीन पहले भी अरुणाचल प्रदेश को लेकर ऐसे दावे करता रहा है, जिसे वह तिब्बत का हिस्सा बताने की कोशिश करता है। लेकिन भारत हर बार इन प्रयासों को खारिज करता आया है। इस बार भी, जब चीन ने फिर से कुछ स्थानों को चीनी नाम देने की कोशिश की, तो भारत ने उसी सख्ती से जवाब देते हुए दोहराया कि नाम बदलने से जमीन की हकीकत नहीं बदलेगी।
इस विवाद के बीच क्षेत्र में तनाव का माहौल और बढ़ गया है, खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान के साथ भी भारत के रिश्तों में तनाव है। हाल ही में भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद सीमाई इलाकों में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
चीन की यह हालिया हरकत एक बार फिर यह दिखाती है कि वह भारत की क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देने से बाज नहीं आ रहा। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने भूभाग की रक्षा के लिए हर स्तर पर तैयार है – चाहे वो कूटनीतिक मोर्चा हो या सामरिक।