Edited By Rohini Oberoi,Updated: 03 Feb, 2026 12:12 PM

आज यानी 3 फरवरी 2026 को देशभर में ऑनलाइन खाना और राशन डिलीवर करने वाली कंपनियों के राइडर्स ने काम बंद करने का ऐलान किया है। Zomato, Swiggy, Blinkit और Zepto जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े लाखों Gig Workers अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। गिग...
Gig Workers National Strike : आज यानी 3 फरवरी 2026 को देशभर में ऑनलाइन खाना और राशन डिलीवर करने वाली कंपनियों के राइडर्स ने काम बंद करने का ऐलान किया है। Zomato, Swiggy, Blinkit और Zepto जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े लाखों Gig Workers अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) के नेतृत्व में हो रही इस हड़ताल से आज आपकी ऑनलाइन डिलीवरी और कैब बुकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
क्यों ठप है काम?
राइडर्स का आरोप है कि कंपनियां उनका डिजिटल शोषण कर रही हैं। विरोध के पीछे ये 4 बड़े कारण हैं। बिना किसी नोटिस या जांच के कंपनियों द्वारा राइडर्स की आईडी ब्लॉक कर दी जाती है जिससे उनकी कमाई अचानक रुक जाती है। जल्दी सामान पहुंचाने के दबाव में राइडर्स की जान जोखिम में रहती है और सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं लेकिन कंपनियों ने प्रति ऑर्डर मिलने वाला कमीशन (Payout) कम कर दिया है। महिला वर्कर्स (विशेषकर अर्बन कंपनी) ने कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान की कमी को लेकर नाराजगी जताई है।

गिग वर्कर्स की 5 प्रमुख मांगें
यूनियन ने सरकार और कंपनियों के सामने अपनी शर्तों की लिस्ट रखी है:

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न्यूनतम वेतन: राइडर्स की मांग है कि उन्हें कम से कम ₹20 प्रति किलोमीटर का भुगतान मिले या ₹24,000 मासिक वेतन तय किया जाए।
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मजदूर का दर्जा: गिग वर्कर्स को औपचारिक रूप से 'मजदूर' माना जाए और उनके लिए केंद्रीय कानून बने।
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सोशल सिक्योरिटी: उन्हें ईएसआई (ESI), पीएफ (PF) और पुख्ता दुर्घटना बीमा की सुविधा मिले।
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पारदर्शी एल्गोरिदम: कंपनियां स्पष्ट करें कि राइडर्स की रेटिंग और कमाई किस आधार पर तय होती है।
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ID ब्लॉकिंग पर लगाम: आईडी सस्पेंड करने से पहले सुनवाई का मौका दिया जाए।

आप पर क्या होगा असर?
अगर आप आज ऑनलाइन कुछ ऑर्डर करने की सोच रहे हैं तो आपको निम्नलिखित दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है:
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देरी या सर्विस बंद: फूड और ग्रोसरी ऐप पर 'Service Unavailable' या बहुत लंबी वेटिंग दिख सकती है।
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कैब बुकिंग में दिक्कत: ओला और उबर जैसी कैब सेवाओं पर भी इसका आंशिक असर पड़ने की संभावना है।
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ई-कॉमर्स: अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों की डिलीवरी भी कुछ चुनिंदा इलाकों में प्रभावित हो सकती है।