Edited By Anu Malhotra,Updated: 09 Jan, 2026 03:26 PM

व्हाइट हाउस की नई कमान संभालते ही डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को लेकर अपनी सख्त नीति स्पष्ट कर दी है। 8 जनवरी 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनिया भर के देशों के लिए एक नई सुरक्षा रेटिंग जारी की, जिसमें 21 देशों को सबसे खतरनाक...
नेशनल डेस्क: व्हाइट हाउस की नई कमान संभालते ही डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को लेकर अपनी सख्त नीति स्पष्ट कर दी है। 8 जनवरी 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनिया भर के देशों के लिए एक नई सुरक्षा रेटिंग जारी की, जिसमें 21 देशों को सबसे खतरनाक यानी 'लेवल 4' की श्रेणी में डाल दिया गया है। सीधे शब्दों में कहें तो, अमेरिका ने अपने नागरिकों को इन मुल्कों की ट्रेवल न करने ने की सख्त हिदायत दी है। इसकी घोषणा विदेश विभाग के कांसुलर अफेयर्स ब्यूरो ने डिजिटल प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से की।
क्या होता है लेवल-4 ट्रैवल एडवाइजरी?
अमेरिकी विदेश विभाग सुरक्षा के आधार पर दुनिया को चार पैमानों पर मापता है। जब किसी देश को 'लेवल 4' (Do Not Travel) में रखा जाता है, तो इसका अर्थ है कि वहां जाना जान जोखिम में डालने जैसा है। इन देशों में गृहयुद्ध, आतंकवाद, अपहरण की घटनाएं या फिर बेहद अस्थिर राजनीतिक माहौल होता है। इन क्षेत्रों में अमेरिकी दूतावास या तो बंद होते हैं या उनकी पहुंच इतनी सीमित होती है कि मुसीबत पड़ने पर सरकार अपने नागरिकों की मदद नहीं कर पाएगी।
अमेरिकी विदेश विभाग दुनिया के सभी देशों के लिए चार स्तरों में ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है।
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लेवल 1: सामान्य सावधानी बरतें
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लेवल 2: अतिरिक्त सतर्कता रखें
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लेवल 3: यात्रा पर दोबारा विचार करें
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लेवल 4: बिल्कुल यात्रा न करें
विदेश विभाग के मुताबिक, लेवल-4 तब लागू किया जाता है जब किसी देश में हालात बेहद खतरनाक हों या वहां अमेरिकी नागरिकों तक कांसुलर मदद पहुंचाने की क्षमता सीमित हो। इस श्रेणी में आने वाले देशों में सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता, अपहरण और गंभीर हिंसा जैसे जोखिम मौजूद रहते हैं।
वे 21 देश जहां जाने पर लगी है 'रेड लाइन'
नई एडवाइजरी के मुताबिक, सुरक्षा और हिंसा के गंभीर खतरों के कारण निम्नलिखित देशों को ब्लैकलिस्ट किया गया है:-
एशिया व मध्य पूर्व: अफगानिस्तान, म्यांमार, ईरान, इराक, लेबनान, उत्तर कोरिया, सीरिया, यमन।
यूरोप: रूस, यूक्रेन, बेलारूस।
अफ्रीका: बुर्किना फासो, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, लीबिया, माली, नाइजर, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान।
अमेरिका महाद्वीप: हैती, वेनेजुएला।
कैसे तय होता है किस देश को किस लिस्ट में रखना है?
कई लोग यह सवाल पूछते हैं कि क्या अमेरिका अपनी मर्जी से किसी भी देश को प्रतिबंधित कर सकता है? इसका जवाब अमेरिकी संप्रभुता और सुरक्षा कानून में छिपा है। अमेरिकी विदेश विभाग के पास यह कानूनी शक्ति है कि वह जमीनी हकीकत, अपराध दर और स्थानीय प्रशासन के सहयोग के आधार पर रेटिंग तय करे।
बदलाव की गुंजाइश: यह लिस्ट स्थायी नहीं होती। अगर किसी देश में शांति बहाल होती है, तो उसे भविष्य में सुरक्षित श्रेणी में वापस लाया जा सकता है। इस ताजा और सख्त लिस्ट की खास बात यह है कि इसमें भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि अमेरिकी नागरिकों के लिए इन दोनों देशों की यात्रा फिलहाल 'लेवल 4' के गंभीर खतरे के दायरे से बाहर है।