Edited By Shubham Anand,Updated: 27 Oct, 2025 05:04 PM

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की। इस चरण में 12 राज्यों में मतदाता सूची अपडेट, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने का काम किया जाएगा। आयोग ने सभी राज्यों के...
नेशनल डेस्क : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की। इस चरण में 12 राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने का कार्य किया जाएगा।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, "आज हम स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा करने के लिए उपस्थित हैं। मैं बिहार के 7.5 करोड़ मतदाताओं को नमन करता हूं, जिन्होंने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाकर इसे सफल बनाया। मैं सभी मतदाताओं को शुभकामनाएं देता हूं।"
सभी राज्यों के साथ हुई चर्चा
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग ने देश के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों के साथ बैठकें कीं और SIR प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मतदाता सूची की गुणवत्ता और सटीकता को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अब तक 8 बार हो चुका है SIR
मुख्य चुनाव आयुक्त ने जानकारी दी कि 1951 से 2004 के बीच देश में आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) हो चुका है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने कई मौकों पर मतदाता सूचियों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसके जवाब में यह कदम उठाया जा रहा है। SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
आज रात फ्रीज कर दिया जाएगा वोटर लिस्ट
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने घोषणा की है कि निर्वाचक सूची पुनरीक्षण (Special Integrated Revision - SIR) प्रक्रिया वाले राज्यों में मतदाता सूची को आज रात फ्रीज कर दिया जाएगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने SIR जैसी प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कई वजहें हैं, जिनके कारण यह कदम उठाना अनिवार्य हो जाता है।
क्यों जरूरी है SIR?
CEC के अनुसार, SIR प्रक्रिया की जरूरत निम्नलिखित कारणों से पड़ती है:
दोहरी प्रविष्टि (Multiple Registrations): बार-बार होने वाले पलायन (Migration) के कारण मतदाता एक से अधिक जगहों पर अपना पंजीकरण करवा लेते हैं। SIR के माध्यम से ऐसे नामों की पहचान कर उन्हें हटाया जाता है।
मृत मतदाताओं का नाम: उन मतदाताओं के नामों को सूची से नहीं हटाया जाता, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। SIR यह सुनिश्चित करता है कि सूची अपडेटेड रहे।
विदेशी नागरिकों का पंजीकरण: कई बार विदेशी नागरिकों का नाम भी गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल हो जाता है। SIR प्रक्रिया ऐसे अवैध पंजीकरणों को हटाने में मदद करती है, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता बनी रहे।
इन राज्यों होगा SIR का दूसरा चरण
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आयोजित किया जाएगा। इनमें अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कल से इन राज्यों में SIR की प्रक्रिया शुरू होगी और फाइनल ड्राफ्ट लिस्ट 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। खास बात यह है कि अगले साल पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुड्डुचेरी—में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।