अब पासपोर्ट ऑफिस की तरह काम करेंगे EPFO दफ्तर, खत्म हुआ चक्कर काटने का झंझट

Edited By Updated: 28 Dec, 2025 03:20 PM

epfo single window service new rules pf account holders relief

केंद्र सरकार ने ईपीएफओ (EPFO) खाताधारकों के लिए 'सिंगल विंडो सर्विस' की शुरुआत की है। अब पीएफ निवेशक किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे, उन्हें अब केवल अपने संस्थान से जुड़े ऑफिस के चक्कर नहीं काटने होंगे। केंद्रीय...

नेशनल डेस्क : सरकार ने पीएफ खाताधारकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब देश के EPFO कार्यालयों को ‘सिंगल विंडो सर्विस’ सेंटर में बदल दिया जाएगा। इस बदलाव से खाताधारकों को काफी राहत मिलने वाली है। पहले पीएफ खाताधारकों को किसी भी समस्या का समाधान कराने के लिए अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब वे किसी भी रीजनल ऑफिस में जाकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने किया बदलाव की जानकारी का ऐलान
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने EPFO के भविष्य निधि भवन के उद्घाटन के समय इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि EPFO के दफ्तरों को पासपोर्ट कार्यालयों की तर्ज पर बदला जाएगा और वहां सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली में इसका पायलट ट्रायल भी शुरू किया जा चुका है। पहले नियम के अनुसार, खाताधारकों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सिर्फ उसी क्षेत्रीय कार्यालय में जाना होता था, जिसके अंतर्गत उनका संस्थान आता था। इस कारण लोगों को समय और पैसे की हानि होती थी।

नए बदलाव का लाभ
अब सब कुछ डिजिटल सिस्टम के माध्यम से होगा। खाताधारक अब अपने पास के किसी भी EPFO कार्यालय में जाकर सभी काम और समस्याओं का समाधान आसानी से कर पाएंगे। जिन कर्मचारियों को डिजिटल सिस्टम में काम करने में दिक्कत आती है, उनके लिए EPF सुविधा प्रोवाइडर का नया मैकेनिज्म लॉन्च किया जाएगा। ये सुविधा प्रोवाइडर क्लेम्स के निपटारे में मदद करेंगे और डिजिटल प्रक्रिया में पुल का काम करेंगे।

बदलाव से मिलने वाले फायदे
विदेश में काम करने वाले कर्मचारी अब अपने PF की राशि भारत लौटने पर आसानी से निकाल सकेंगे।

जिन कर्मचारियों का पैसा लंबे समय से फंसा हुआ है, उनके लिए सरकार मिशन मोड में KYC वेरिफिकेशन करेगी।

खाताधारकों और उनके बच्चों की पहचान कर उनका हक का पैसा लौटाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि 2014 में केवल 19 प्रतिशत लोगों को सोशल सिक्योरिटी मिली थी, जबकि अब यह आंकड़ा बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, जहां 94 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आते हैं।

पहले और अब के बीच अंतर
पहले खाताधारकों को ब्रांच ऑफिस जाना पड़ता था, अब किसी भी EPFO ऑफिस में जाकर काम कराया जा सकेगा।

पहले खाताधारकों को दलाल पर भरोसा करना पड़ता था, अब EPF सुविधा प्रोवाइडर गाइड करेंगे।

KYC होने पर पैसा अटकने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से तुरंत KYC पूरा होगा।

इसके अलावा विदेश में कटे PF भी भारत आने पर वापस मिलेगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!