Edited By Sahil Kumar,Updated: 12 Jan, 2026 06:09 PM

डिजिटल दौर में आधार कार्ड हर व्यक्ति की पहचान और वित्तीय लेन-देन के लिए जरूरी बन चुका है। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि आधार की डिटेल्स का गलत इस्तेमाल करके फर्जी लोन और क्रेडिट फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं। समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना और...
नेशनल डेस्कः आधार कार्ड आज हर व्यक्ति की पहचान और वित्तीय लेन-देन का अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। लेकिन विशेषज्ञों की चेतावनी है कि आधार की डिटेल्स का गलत इस्तेमाल करके फर्जी लोन और क्रेडिट फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना और सतर्क रहना जरूरी है, ताकि बड़े आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
अनजान जगह पर आधार की कॉपी देना
अचानक बैंक से रिकवरी कॉल आना या पता चले कि क्रेडिट स्कोर खराब है, यह संकेत हो सकता है कि आपके नाम पर कोई फर्जी लोन चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सतर्कता से ऐसे मामलों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और बड़े वित्तीय नुकसान से बचा जा सकता है। आधार कार्ड से जुड़े जोखिमों में मुख्य कारण है किसी अनजान जगह पर आधार की कॉपी देना या डिटेल्स को बिना सोचे-समझे साझा करना। कई बार लोग तब तक इस मामले का पता नहीं लगा पाते जब तक बैंक की तरफ से नोटिस नहीं आता या लोन चुकाने के लिए फोन नहीं किए जाते।
क्रेडिट रिपोर्ट
विशेषज्ञों के अनुसार, अपने नाम पर कोई लोन चल रहा है या नहीं, यह जानने का सबसे भरोसेमंद तरीका क्रेडिट रिपोर्ट है। CIBIL, Experian और Equifax जैसी क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाइट पर जाकर हर व्यक्ति मुफ्त में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देख सकता है। रिपोर्ट में अब तक लिए गए सभी लोन और क्रेडिट कार्ड की जानकारी होती है। अगर किसी अज्ञात लोन की डिटेल्स दिखाई दें, तो यह गंभीर चेतावनी है।
आधार नंबर और OTP वेरिफिकेशन
अधिकतर बैंक और वित्तीय संस्थान अब मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए भी अपने ग्राहकों को लोन स्टेटस देखने की सुविधा देते हैं। आधार नंबर और OTP वेरिफिकेशन के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि आपके नाम पर कौन-कौन से लोन एक्टिव हैं।
RBI के आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत
यदि क्रेडिट रिपोर्ट या बैंक रिकॉर्ड में कोई फर्जी लोन दिखे, तो इसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में RBI के आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराना, नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट करना बेहद जरूरी है। समय पर की गई शिकायत न केवल क्रेडिट रिकॉर्ड को सुरक्षित रख सकती है, बल्कि आगे होने वाले आर्थिक नुकसान को भी रोक सकती है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि आधार से जुड़ी जानकारी को किसी के साथ साझा करने से पहले हमेशा सावधानी बरतें। भरोसेमंद वेबसाइट और ऐप पर ही अपनी डिटेल्स या OTP डालें और नियमित रूप से क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहें। डिजिटल युग में थोड़ी सी सतर्कता बड़े आर्थिक झटके से बचा सकती है।