Edited By Parveen Kumar,Updated: 25 Jan, 2026 06:48 PM

तेंलगाना की राजधानी हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में फर्नीचर की दुकान की एक चार मंजिला इमारत में आग लगने के बाद ‘‘दम घुटने'' से दो बच्चों और एक बुजुर्ग महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि...
नेशनल डेस्क: तेंलगाना की राजधानी हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में फर्नीचर की दुकान की एक चार मंजिला इमारत में आग लगने के बाद ‘‘दम घुटने'' से दो बच्चों और एक बुजुर्ग महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को इमारत में भीषण आग लग गई थी, जिसके बाद इमारत के बेसमेंट में फंसे लोगों को बचाने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, “हमें सूचना मिली थी कि पांच लोग लापता हैं। रविवार को इमारत के बेसमेंट में अलग-अलग स्थानों से दो बच्चों और एक बुजुर्ग महिला समेत सभी पांचों के शव बरामद कर लिये गए।” जान गंवाने वालों में शामिल अन्य दो पुरुषों की उम्र 30 वर्ष के आसपास थी। वे हैदराबाद के निवासी थे और उसी इमारत में काम करते थे। अधिकारियों ने कहा, ‘‘वे (दोनों कर्मचारी) बच्चों और महिला को बचाने के लिए अंदर गए थे, लेकिन आग के विकाराल रूप लेने के कारण बाहर नहीं निकल सके और वहीं फंस गए।''
अधिकारियों ने बताया कि सात और 11 वर्ष के दोनों बच्चे इमारत के सुरक्षा गार्ड के बेटे थे, जिनका परिवार बेसमेंट में ही रहता था। तेलंगाना के नलगोंडा जिले का निवासी सुरक्षा गार्ड घटना के समय बाहर था और उसकी पत्नी भी किसी काम से बाहर गई हुई थी। साठ-वर्षीय मृत महिला पड़ोसी राज्य कर्नाटक के कलबुर्गी जिले की मूल निवासी थी और इमारत में सफाईकर्मी-सह-सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करती थी। वह भी बेसमेंट के एक अन्य कमरे में रहती थी। तेलंगाना के राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने घटना पर दु:ख जताते हुए कहा कि इसकी गहन जांच कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
तेलंगाना अग्निशमन, आपदा प्रतिक्रिया, आपातकालीन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के महानिदेशक विक्रम सिंह मान ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि मामले में अग्नि सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन सामने आया है। उन्होंने कहा कि इमारत के दोनों बेसमेंट में फर्नीचर, रसायन, प्लास्टिक, रेक्सिन, कपड़ा और फोम के गद्दे जैसी ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी, जबकि बेसमेंट केवल पार्किंग के लिए होते हैं। इसके अलावा, वहां परिवारों को रहने की अनुमति भी दी गई थी। मान के अनुसार, अत्यधिक धुएं के कारण दम घुटने से मौत होने की आशंका है।
फर्नीचर शोरूम के मालिक ने बेसमेंट में फर्नीचर और कच्चा माल कथित तौर पर अवैध रूप से जमा किया हुआ था। हालांकि, मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। आग लगने के कारणों के बारे में उन्होंने कहा कि संभवत: यह घटना शॉर्ट सर्किट या बेसमेंट में रहने वाले परिवार द्वारा इस्तेमाल की जा रही रसोई गैस के कारण हो सकती है। सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।
मान ने बताया कि शनिवार दोपहर एक बजकर 41 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और हैदराबाद आपदा मोचन एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (एचवाईडीआरएए) समेत कई एजेंसियों ने बचाव कार्य में हिस्सा लिया। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन घने धुएं और बेसमेंट के रास्ते में फर्नीचर एवं कच्चे माल के ढेर के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाई आई। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान दमकल वाहन, ‘स्काईलिफ्ट' और अग्निशमन रोबोट का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने फर्नीचर शोरूम के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।