Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jun, 2025 10:24 AM

जब भी कोई भारतीय विदेश जाता है, तो विदेशी स्कॉच साथ लाना और दोस्तों के बीच उसकी शान से पेशकश करना एक आम चलन है। लेकिन अब इस ‘शान’ को विदेशी ब्रांड्स की मोहताज नहीं रहना पड़ेगा — क्योंकि भारतीय स्कॉच ब्रांड ‘अमृत’ ने वो कर दिखाया है जो कभी केवल...
नेशनल डेस्क: जब भी कोई भारतीय विदेश जाता है, तो विदेशी स्कॉच साथ लाना और दोस्तों के बीच उसकी शान से पेशकश करना एक आम चलन है। लेकिन अब इस ‘शान’ को विदेशी ब्रांड्स की मोहताज नहीं रहना पड़ेगा — क्योंकि भारतीय स्कॉच ब्रांड ‘अमृत’ ने वो कर दिखाया है जो कभी केवल स्कॉटलैंड या जापान की डिस्टिलरीज का विशेषाधिकार माना जाता था।
अमृत व्हिस्की ने हाल ही में San Francisco World Spirits Competition 2025 (SFWSC) में तहलका मचा दिया है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अमृत ने तीन डबल गोल्ड और एक गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय स्पिरिट इंडस्ट्री को वैश्विक मानचित्र पर एक नई ऊंचाई दी है।
कौन-कौन सी व्हिस्कियों को मिले अवॉर्ड?
1. Amrut Fusion Single Malt – डबल गोल्ड
इस सिंगल माल्ट ने ग्लोबल स्तर पर भारतीय व्हिस्की के प्रति धारणा को बदल दिया है। यह अब सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि भारत की प्रीमियम पहचान बन चुकी है। इसका जटिल, समृद्ध स्वाद इसे दुनियाभर के कलेक्टर्स और व्हिस्की प्रेमियों का पसंदीदा बनाता है।
2. Amrut Indian Single Malt – डबल गोल्ड
इसे भारत की सिंगल माल्ट कैटेगरी की ‘बैकबोन’ माना जाता है। इसकी परतदार प्रोफाइल और बैलेंस्ड स्मूथनेस ने इसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच भी खास दर्जा दिलाया है।
3. Amrut Kurinji Indian Single Malt – डबल गोल्ड
युवा व्हिस्की प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई यह स्कॉच, अपने इनोवेटिव फ्लेवर प्रोफाइल के लिए जानी जाती है। इसका नाम नीलगिरी के दुर्लभ ‘कुरिंजी’ फूल से लिया गया है, जो हर 12 साल में एक बार खिलता है — ठीक वैसे ही जैसे यह स्कॉच, दुर्लभ और अनूठी है।
4. Amrut Peated Indian Single Malt – गोल्ड मेडल
जो लोग स्मोकी व्हिस्की के शौकीन हैं, उनके लिए यह परफेक्ट चॉइस है। समुद्री हवा, पीट का टच, हल्की मिठास और लंबे समय तक टिकने वाला स्वाद इस व्हिस्की को खास बनाता है।
अमृत डिस्टिलरीज के CEO का बयान
रक्षित एन जगदाले, मैनेजिंग डायरेक्टर, ने कहा: “ये सम्मान हमारे लिए सिर्फ मेडल नहीं, बल्कि इस बात की पुष्टि है कि भारत अब विश्व स्तरीय स्पिरिट्स का निर्माण कर सकता है। यह हमारे जुनून और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का नतीजा है।”