Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 May, 2025 10:47 AM

सोने में निवेश करने वालों के लिए यह हफ्ता झटका लेकर आया है। वैश्विक बाजारों में सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों को चौकन्ना कर दिया है। स्पॉट गोल्ड 2.1% गिरकर $3,188.52 प्रति औंस पर आ गया, जो 11 अप्रैल के बाद का...
नेशनल डेस्क: सोने में निवेश करने वालों के लिए यह हफ्ता झटका लेकर आया है। वैश्विक बाजारों में सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों को चौकन्ना कर दिया है। स्पॉट गोल्ड 2.1% गिरकर $3,188.52 प्रति औंस पर आ गया, जो 11 अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर है। एक समय तो यह गिरावट $3,174.62 तक पहुंच गई थी।
आइए समझते हैं कि इस गिरावट की वजह क्या है, आगे सोने का क्या हाल हो सकता है और चांदी-प्लैटिनम-पैलेडियम जैसे अन्य कीमती धातुओं की स्थिति कैसी रही।
गिरावट की मुख्य वजहें
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यूएस-चीन टैरिफ डील की उम्मीदें
वैश्विक बाजार में अब जोखिम लेने की धारणा (Risk Appetite) बढ़ रही है। अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ कटौती और 90 दिन की बातचीत पर सहमति के संकेत मिले हैं। इससे निवेशकों ने "सेफ हैवन" माने जाने वाले सोने से पैसा निकालना शुरू कर दिया।
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ईरान से भी तनाव में नरमी
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार अली शामखानी ने संकेत दिया कि देश अमेरिका के साथ परमाणु समझौते के लिए तैयार है, बशर्ते प्रतिबंध हटा दिए जाएं। इससे मध्य-पूर्व में तनाव घटने की उम्मीद जगी और सोने पर दबाव बढ़ा।
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टेक्निकल करेक्शन भी बना वजह
स्वतंत्र मेटल ट्रेडर ताई वोंग के अनुसार, टैरिफ डील की खबर ने सोने में टेक्निकल करेक्शन को ट्रिगर किया। वॉल स्ट्रीट में भी तेजी देखी गई, जिससे सोने का आकर्षण और कम हुआ।
अन्य धातुओं का हाल
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चांदी: 1.8% गिरकर $32.29 प्रति औंस
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प्लैटिनम: 0.5% गिरकर $983.42 प्रति औंस
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पैलेडियम: 0.1% बढ़कर $957.65 प्रति औंस
आगे क्या? क्या फिर चमकेगा सोना?
FOREX.com के विश्लेषक फवाद रज़ाकज़ादा के मुताबिक अगर गिरावट जारी रही, तो अगले सपोर्ट लेवल होंगे:
हालांकि साल 2025 की शुरुआत से अब तक सोने में अब भी 21.6% की तेजी बनी हुई है।
-Saxo Bank के एक्सपर्ट ओले हैंसेन का कहना है कि फिलहाल वैश्विक जोखिम भावना में सुधार के कारण सोने की मांग घटी है, लेकिन...
-अगर अमेरिका के रिटेल सेल्स और PPI डेटा कमजोर निकलते हैं, तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती पर विचार कर सकता है — जो दोबारा से सोने को सपोर्ट दे सकता है।
-फेड चेयर जेरोम पॉवेल का बयान भी निवेशकों की नजर में है, जो बाजार की अगली चाल तय कर सकता है।