Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 Jan, 2026 01:26 PM

नए साल और शादियों के सीजन के बीच सोने की कीमतों में आ रही तूफानी तेजी ने ग्राहकों और निवेशकों दोनों को सोच में डाल दिया है। गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा समेत पूरे एनसीआर में पिछले 10 दिनों के भीतर ही 24 कैरेट सोने के दाम में करीब ₹6,000 का भारी उछाल...
नेशनल डेस्क: नए साल और शादियों के सीजन के बीच सोने की कीमतों में आ रही तूफानी तेजी ने ग्राहकों और निवेशकों दोनों को सोच में डाल दिया है। गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा समेत पूरे एनसीआर में पिछले 10 दिनों के भीतर ही 24 कैरेट सोने के दाम में करीब ₹6,000 का भारी उछाल देखा गया है। वर्तमान परिस्थितियों (15 जनवरी 2026) को देखते हुए बाजार विशेषज्ञों ने आने वाले महीनों के लिए दो मुख्य संभावनाएं (Scenarios) जताई हैं:-
1. गिरावट की उम्मीद (Correction Phase)
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि सोने की कीमतों ने जिस तेजी से रिकॉर्ड स्तर को छुआ है, उसके बाद अब 'प्रॉफिट बुकिंग' का समय आ सकता है। फरवरी और मार्च 2026 के बीच कीमतों में 10% से 15% तक की तकनीकी गिरावट देखने को मिल सकती है।
कारण: यदि वैश्विक स्तर पर व्यापारिक तनाव कम होता है या अमेरिकी डॉलर में मजबूती आती है, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर अन्य संपत्तियों (Assets) में लगा सकते हैं, जिससे घरेलू भाव नीचे आएंगे।
2. सोना अभी और चमकेगा (Long-term Bullish)
जेपी मॉर्गन और गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का मानना है कि यह गिरावट सिर्फ अस्थायी होगी। 2026 के अंत तक सोना ₹1.50 लाख से ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के जादुई आंकड़े को छू सकता है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने का भंडार बढ़ाना और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता इसकी कीमतों को लंबी अवधि में ऊपर की ओर ही रखेगी।
अगर आप भी इस सीजन में सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
-अगर आपको अगले 2-3 महीनों में शादी के लिए सोने की जरूरत है, तो सारा सोना एक साथ न खरीदें। बाजार में हर छोटी गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदना (Staggered buying) समझदारी भरा फैसला होगा।
-फरवरी के पहले हफ्ते में आने वाले केंद्रीय बजट में सरकार कस्टम ड्यूटी (आयात शुल्क) घटा सकती है। यदि ड्यूटी में 2% की भी कमी होती है, तो प्रति 10 ग्राम सोने के दाम तुरंत ₹2,000 से ₹3,000 तक कम हो सकते हैं।
- निवेश के उद्देश्य से खरीदने वालों के लिए फरवरी के बजट के बाद का समय खरीदारी का एक बेहतर अवसर साबित हो सकता है।