Edited By Mansa Devi,Updated: 02 Jan, 2026 12:36 PM

नए साल की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार ने हाईवे पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत दी है। FASTag को लेकर लंबे समय से चली आ रही KYC की जटिल प्रक्रिया अब जल्द ही खत्म होने वाली है।
नेशनल डेस्क: नए साल की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार ने हाईवे पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत दी है। FASTag को लेकर लंबे समय से चली आ रही KYC की जटिल प्रक्रिया अब जल्द ही खत्म होने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने घोषणा की है कि 1 फरवरी 2026 से नई गाड़ियों के लिए FASTag जारी करने की प्रक्रिया और ज्यादा आसान व पारदर्शी होगी।
अब तक FASTag में क्यों आती थी दिक्कत
अब तक नई गाड़ी के लिए FASTag लेते समय लोगों को बार-बार KYC से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में दस्तावेज सही होने के बावजूद वेरिफिकेशन अटक जाता था, तो कहीं गलत जानकारी के नाम पर FASTag ब्लॉक कर दिया जाता था। एक्टिवेशन के बाद भी बार-बार नोटिस और मैसेज आने से वाहन चालक परेशान रहते थे।
सरकार का बड़ा फैसला: KYC की अनिवार्यता खत्म
इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने अहम कदम उठाया है। अब नई गाड़ियों के FASTag के लिए अलग से Know Your Vehicle (KYV) यानी KYC कराने की जरूरत नहीं होगी। FASTag जारी करते समय वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) पहले ही वेरिफाई कर लिया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया एक ही बार में पूरी हो जाएगी।
पुराने FASTag यूजर्स को मिलेगी पूरी राहत
जिन वाहनों में पहले से FASTag लगा हुआ है, उनके लिए किसी तरह की दोबारा KYC या KYV जरूरी नहीं होगी। जब तक कोई शिकायत या गड़बड़ी सामने नहीं आती, तब तक मौजूदा FASTag पहले की तरह वैध और एक्टिव रहेंगे।
किन हालात में होगी दोबारा जांच
हालांकि कुछ विशेष मामलों में जांच जरूरी हो सकती है। यदि FASTag गलत तरीके से जारी हुआ हो, किसी अन्य वाहन पर लगा हो या उसके दुरुपयोग की शिकायत मिले, तभी KYV प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बिना किसी शिकायत के आम यूजर्स को किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा।
VAHAN पोर्टल से होगी वाहन की पूरी जांच
नए नियमों के तहत FASTag एक्टिवेट करने से पहले बैंकों को वाहन की पूरी जानकारी VAHAN पोर्टल से वेरिफाई करनी होगी। VAHAN डेटाबेस से डिटेल्स कन्फर्म होने के बाद ही FASTag एक्टिवेट किया जाएगा। जहां VAHAN पर जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, वहां रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के आधार पर जांच की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित बैंक की होगी।
अब बिना जांच के नहीं होगा FASTag एक्टिवेशन
संशोधित व्यवस्था के अनुसार, FASTag का एक्टिवेशन तभी होगा जब सभी वाहन विवरण पहले से सत्यापित हों। पहले की तरह एक्टिवेशन के बाद जांच की प्रक्रिया अब पूरी तरह बंद कर दी गई है, जिससे बाद में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
सरकार का दावा: सिस्टम बनेगा ज्यादा भरोसेमंद
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, यह बदलाव लाखों सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा। वैध दस्तावेजों के बावजूद FASTag से जुड़ी देरी और असुविधा अब खत्म होगी। साथ ही, फर्जी और गलत FASTag पर भी लगाम लगेगी और पूरा सिस्टम ज्यादा साफ, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगा।