Edited By Rohini Oberoi,Updated: 27 May, 2025 01:30 PM

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के यथार्थ अस्पताल में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल की लिफ्ट अचानक दो मंजिलों के बीच में रुक गई जिससे उसमें सवार 16 लोग फंस गए। इन फंसे हुए लोगों में बीमार मरीज, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष भी शामिल थे। जैसे-जैसे...
नेशनल डेस्क। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के यथार्थ अस्पताल में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल की लिफ्ट अचानक दो मंजिलों के बीच में रुक गई जिससे उसमें सवार 16 लोग फंस गए। इन फंसे हुए लोगों में बीमार मरीज, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष भी शामिल थे। जैसे-जैसे समय बीतता गया लिफ्ट के भीतर घुटन और घबराहट का माहौल बढ़ता गया। कई लोगों को तो सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी।
वायरल वीडियो में दिखा दर्द और नाराजगी
इस घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक पीली टी-शर्ट पहने हुए दिखाई दे रहा है जो कैमरे के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाता है। वह कहता है, यह वीडियो यथार्थ अस्पताल का है। यहाँ लिफ्ट फंस गई है और हम लोग 30 मिनट से परेशान हैं। इमरजेंसी नंबर पर कॉल कर रहे हैं लेकिन कोई सुन नहीं रहा।
गुस्से में युवक यह भी कहता है, हमारे साथ कई मरीज हैं अस्पताल को सिर्फ अपने पैसों से मतलब है। अगर यहाँ कुछ हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? यह वीडियो अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता और लापरवाही को साफ तौर पर उजागर कर रहा है।
30 मिनट बाद चाबी से खोली गई लिफ्ट
करीब 30 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहने के बाद आखिरकार अस्पताल प्रबंधन के कुछ कर्मी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने चाबी की मदद से लिफ्ट का दरवाज़ा खोला और अंदर फंसे सभी 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि किसी की जान को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ लेकिन इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
हेल्थ सेफ्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी अस्पताल में लिफ्ट जैसी मूलभूत सुविधा में खराबी आना और समय पर रेस्क्यू ना हो पाना बेहद चिंताजनक है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि, अस्पताल जैसी जगहों पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होना चाहिए। वरना ऐसी घटनाएं बड़े हादसों में बदल सकती हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। वहीं सोशल मीडिया पर लोग लगातार अस्पताल की कड़ी आलोचना कर रहे हैं और प्रशासन से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।